चंडीगढ़, 05 सितंबर 2026: डडूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के टेल-एंड एरिया में प्रस्तावित 5.4 करोड़ रुपये के लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण अब आगे बढ़ सकेगा। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ने प्लांट के डिजाइन की तकनीकी जांच कर उसे मंजूरी दे दी है। नगर निगम परियोजना पर काम शुरू कर सकता है। बरसात का मौसम खत्म होने के बाद साइट पर ग्राउंड वर्क शुरू होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित प्लांट की क्षमता 250 किलोलीटर प्रतिदिन होगी। इसका उद्देश्य डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले लीचेट यानी कचरे से रिसने वाले गंदे पानी को इकट्ठा कर वैज्ञानिक तरीके से उपचार करना है। इससे लीचेट का उपचार पर्यावरणीय और प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार सुनिश्चित हो सकेगा।
नगर निगम ने एलटीपी का डिजाइन तैयार करने वाली एजेंसी के डिजाइन की तकनीकी जांच के लिए पीईसी को थर्ड पार्टी कंसल्टेंसी एजेंसी नियुक्त किया था। पीईसी विशेषज्ञों ने प्लांट के फ्लो एरेशन और क्षमता समेत कई तकनीकी पहलुओं की जांच की। लीचेट उपचार के लिए बनाए जाने वाले डेडिकेटेड ट्रीटमेंट टैंक के डिजाइन को भी देखा गया।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार एलटीपी प्रोजेक्ट में कई तकनीकी पहलू शामिल हैं। इसलिए डिजाइन जांच और तकनीकी सलाह के लिए पीईसी विशेषज्ञों की मदद ली गई। परियोजना के लिए चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति से भी तकनीकी सहायता ली गई है।
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