चंडीगढ़, 05 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे बड़े और खौफनाक नक्सली हमलों में से एक 2013 के झीरम घाटी हत्याकांड मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने अपना अहम फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को दोषी करार दिया है।
इस मामले की सुनवाई एनआईए की विशेष अदालत के न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की बेंच में चल रही थी। विशेष अदालत में 12 अगस्त को झीरम घाटी हमले को लेकर अंतिम सुनवाई पूरी हो गई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। निर्णय सुनाने के लिए पहले 31 अगस्त की तारीख तय की गई थी।
बाद में इस फैसले को पांच दिन के लिए टाल दिया गया। अंततः 5 सितंबर को यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया गया।
एनआईए ने इस मामले की विस्तृत जांच के बाद वर्ष 2015 में अदालत के समक्ष लगभग एक हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इस चार्जशीट में शुरुआत में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
जांच और सुनवाई के दौरान इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है। बाकी बचे 10 आरोपी फिलहाल जगदलपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं।
अदालत में चले लंबे मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपना केस मजबूत करने के लिए कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष की ओर से खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए अदालत में एक भी गवाह पेश नहीं किया जा सका।
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