मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बड़ी राहत का ऐलान, पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड

by Manu
भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 22 जुलाई 2026: पंजाब सरकार ‘न कैश, न फ़ार्मेसी’ (Neither Cash, Nor Pharmacy) के सिद्धांत पर एक पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-आधारित सिस्टम के तहत 10 लाख नए राशन कार्ड जारी करेगी।

नए राशन कार्ड बनवाने और परिवार के नए सदस्यों के नाम जुड़वाने के लिए आवेदन 22 जुलाई से शुरू होंगे, जिसमें समाज के कमज़ोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल लाभार्थियों में से 7 लाख राशन कार्ड नए पात्र परिवारों को जारी किए जाएंगे, जबकि 3 लाख ई-श्रम और प्रवासी मज़दूरों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाया जाएगा। राज्य में खाद्य और पोषण सुरक्षा को और मज़बूत करते हुए, हर नए लाभार्थी को 5 किलो गेहूँ के साथ ‘मेरी रसोई पासी किट’ भी दी जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राशन कार्ड का यह पारदर्शी अभियान ‘न कैश, न फ़ार्मेसी’ के दोहरे सिद्धांतों पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब राशन कार्ड सिस्टम में 10 लाख नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ रहा है, जो हाल के वर्षों के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा अभियानों में से एक है। इनमें से लगभग 3 लाख ई-श्रम और प्रवासी मज़दूरों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कवर किया जाएगा, जबकि अन्य 7 लाख पात्र लाभार्थियों को नए आवेदनों और मौजूदा राशन कार्डों में नए सदस्यों को जोड़कर इस योजना के तहत लाया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यह प्रक्रिया भ्रष्टाचार और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहे। उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि पंजाब में सरकारी नौकरियाँ अब पैसे या सिफारिश के आधार पर नहीं दी जाती हैं। इसी तरह, राशन कार्ड भी अब सिफारिश, बिचौलियों या रिश्वत पर निर्भर नहीं होंगे। हर आवेदक का मूल्यांकन एक ही पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हर पात्र परिवार को समान अवसर मिले।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और आसान बना दिया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोग ऑनलाइन, सेवा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या ज़िला खाद्य कार्यालयों में आवेदन कर सकते हैं। हर आवेदक को SMS के ज़रिए रसीद मिलेगी और वे अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे। आवेदन का लिंक खाद्य विभाग की वेबसाइट के होमपेज पर भी उपलब्ध है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड जारी करने में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था में सुधार किया गया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “पहले, मैन्युअल वेरिफिकेशन और मनमाने फैसलों के कारण अक्सर भ्रष्टाचार होता था और असली लाभार्थी वंचित रह जाते थे। अब, डिजिटल वेरिफिकेशन, ऑनलाइन ट्रैकिंग, पॉइंट-बेस्ड मूल्यांकन प्रणाली और पूरी पारदर्शिता से यह सुनिश्चित होगा कि केवल ज़रूरतमंद परिवारों को ही इसमें शामिल किया जाए।”

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