चंडीगढ़, 27 मार्च 2026: पंजाब के मोहाली समेत तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 1500 नर्सिंग स्टाफ शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया है। हड़ताल के बाद सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए नर्सिंग कर्मचारियों पर ESMA (ईस्ट पंजाब एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट, 1947) लागू कर दिया है।
सरकार ने सभी हड़ताली नर्सिंग स्टाफ को तुरंत ड्यूटी पर वापस लौटने का आदेश जारी किया, लेकिन कर्मचारियों ने इस आदेश को ठुकरा दिया है और अपना संघर्ष जारी रखने का फैसला किया है।
नर्सिंग स्टाफ अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 26 मार्च से हड़ताल पर है। उनकी मुख्य मांग 4600 रुपये ग्रेड-पे की बहाली है। यूनाइटेड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ पंजाब के नेतृत्व में मोहाली, अमृतसर और पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के नर्सिंग स्टाफ ने बड़े पैमाने पर हड़ताल में हिस्सा लिया है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रमनजीत सिंह गिल ने कहा कि यह हड़ताल अचानक नहीं है। पिछले 5-6 वर्षों से नर्सिंग स्टाफ अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहा था। उन्होंने बताया कि पहले नर्सिंग स्टाफ को 4600 रुपये ग्रेड-पे मिलता था, लेकिन वर्ष 2021 में इसे घटाकर 2800 रुपये कर दिया गया, जिससे उनकी तनख्वाह में काफी कमी आ गई। इस फैसले से पूरे नर्सिंग कैडर में रोष है।
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