नई दिल्ली, 5 जून 2025: भारत सरकार ने देश में जनगणना की तारीखों का ऐलान कर दिया है। देशभर में जनगणना की प्रक्रिया 1 मार्च 2027 से शुरू होगी, जो दो चरणों में पूरी होगी। इस बार की जनगणना की खास बात यह है कि इसमें जाति जनगणना भी शामिल होगीजो दशकों बाद पहली बार केंद्रीय स्तर पर होगी।
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से इस फैसले को अहम माना जा रहा है। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बर्फीले इलाकों में जनगणना अक्टूबर 2026 से शुरू होगी, ताकि मौसम संबंधी चुनौतियों से बचा जा सके। जाति जनगणना की मांग लंबे समय से उठ रही थी। विपक्ष और कुछ सहयोगी दल इसे सामाजिक न्याय और संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण के लिए जरूरी मान रहे हैं।
इस जनगणना से न सिर्फ कुछ पिछड़े वर्गों की पहचान करने में मदद मिलेगी, बल्कि नीति निर्माण और आरक्षण की सीमा बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी इसका असर पड़ेगा। हालांकि सरकार ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। भारत में हर 10 साल बाद 2021 में होने वाली जनगणना को कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जो देश की 15वीं जनगणना थी। यह जनगणना 1 मार्च 2011 को शुरू हुई थी और इसके आंकड़े 2013 तक प्रकाशित किए गए थे। इस जनगणना ने भारत की जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की सटीक तस्वीर पेश की।
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