चंडीगढ़, 24 जुलाई 2026: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पंजाब के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना ने सिर्फ़ साढ़े छह महीनों में 5.12 लाख लोगों को 914 करोड़ रुपये से ज़्यादा का कैशलेस मुफ़्त इलाज मुहैया कराया है।
आज पटियाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़े जारी करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत अब तक 50.3 लाख से ज़्यादा ई-हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना की वजह से मरीज़ बिना किसी आर्थिक बोझ के जान बचाने वाले और महंगे इलाज करवा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर पात्र परिवार को बिना किसी आर्थिक परेशानी के अच्छी क्वालिटी वाली स्वास्थ्य सेवाएँ देने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पात्र परिवारों के लिए मुफ़्त, कैशलेस और अच्छी क्वालिटी वाली स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करके ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने पूरे राज्य में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को मज़बूत किया है, और इसी वजह से इस योजना को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। उन्होंने बताया कि 733 मरीज़ों का कैंसर का इलाज किया गया और लोग अपने खराब घुटनों को बदलवा रहे हैं, साथ ही आँखों की सर्जरी और दिल का इलाज भी हो रहा है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मरीज़ों को सरकार द्वारा लिस्टेड 868 सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज मिल रहा है। इस तरह, राज्य भर में 2,50,359 परिवारों को इस इलाज का फ़ायदा मिला है। इन फ़ायदा उठाने वालों में से 1.65 लाख लोगों की सर्जरी इस योजना के तहत हुई है।
उन्होंने कहा कि इस योजना ने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के बीच मज़बूत साझेदारी दिखाई है; सरकारी अस्पतालों ने 2,29,551 (45 प्रतिशत) और प्राइवेट अस्पतालों ने 2,83,089 (55 प्रतिशत) इलाज किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी और प्राइवेट हेल्थकेयर संस्थानों की इस संतुलित भागीदारी ने पूरे पंजाब में अच्छी क्वालिटी वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को काफ़ी बेहतर बनाया है। उन्होंने इस बात पर अफ़सोस भी जताया कि जहाँ राज्य में प्राइवेट अस्पतालों को पैनल में शामिल किया जा रहा है, वहीं केंद्र सरकार PGI चंडीगढ़ को इस योजना में शामिल न करके पंजाब के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है और उन्हें पीछे धकेल रही है।
डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने इस योजना को शुरू करके पंजाब के लोगों को मानसिक, आर्थिक और कर्ज़ के दबाव से बचाया है। उन्होंने बताया कि पंजाब में 24,96,313 परिवार इस योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 24.3 लाख (48 प्रतिशत) पुरुष और 26 लाख (52 प्रतिशत) महिलाएं हैं, जो इस योजना में महिलाओं की बड़ी भागीदारी को दिखाता है। इनमें से 34.2 लाख (68 प्रतिशत) लाभार्थी ग्रामीण इलाकों से हैं, जबकि 16.1 लाख (32 प्रतिशत) शहरी इलाकों से हैं।
उन्होंने बताया कि ज़िलों में लुधियाना ने सबसे ज़्यादा 5,46,380 ई-कार्ड जारी किए हैं, जिनसे 2,69,372 परिवार जुड़े हैं। इसके बाद पटियाला (4,56,730 कार्ड; 2,15,373 परिवार), जालंधर (3,69,335 कार्ड; 1,85,285 परिवार) और होशियारपुर (3,45,094 कार्ड; 1,64,941 परिवार) का नंबर आता है। उन्होंने कहा कि इलाज के मामलों में पटियाला और बठिंडा सबसे आगे हैं।
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