चंडीगढ़, 15 मई 2026: हरियाणा सरकार ने राज्य के तालाबों और जोहड़ों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण तथा वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाबों का विकास केवल दिखावे के लिए नहीं होना चाहिए बल्कि इनमें गंदे पानी का जमाव पूरी तरह रोका जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, पर्यावरण संतुलन और स्थानीय लोगों की आजीविका के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इसलिए इनका व्यवस्थित रखरखाव और सही उपयोग सरकार की प्राथमिकता है।
सीएम सैनी ने अधिकारियों को खासतौर पर उन जोहड़ों पर ध्यान देने के निर्देश दिए जो अब गांवों की आबादी के बीच आ गए हैं। इनकी नियमित सफाई, जल निकासी और रखरखाव पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंदे तालाब न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाबों के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को तय की जाए। पंचायतों को सुनिश्चित करना होगा कि तालाबों की नियमित सफाई हो, जलभराव नियंत्रित रहे और आसपास स्वच्छता बनी रहे।
ये भी देखे: हरियाणा सरकार की कर्मचारियों को हिदायत, 22 मई तक दाखिल करें वार्षिक संपत्ति विवरण