पटना, 28 सितंबर 2026: उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संवाददाता को जानकारी दी। नेपाल में गंडक नदी के जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में वर्षापात सामान्य से काफी अधिक रहा। वर्तमान में गंडक नदी पर स्थित वाल्मीकिनगर बराज पर 27 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे 4 लाख 24 हजार क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ। इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की है। उक्त प्रवाहित जलश्राव के आलोक में सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखा गया है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकिनगर बराज से लगभग 80 किलोमीटर ऊपर नेपाल के देवघाट गेज स्थल पर दर्ज जलस्तर के अनुरूप वाल्मीकिनगर बराज पर लगभग 5 लाख क्यूसेक या उससे अधिक जलश्राव शाम तक आने की संभावना है। यह जलश्राव वर्ष 2024 के अधिकतम जलश्राव 5 लाख 62 हजार 500 क्यूसेक की तुलना में कम रहने की संभावना है। लेकिन फिर भी विभाग द्वारा सतत निगरानी और चौकसी बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि तटबंधों के बेहतर पर्यवेक्षण हेतु गंडक नदी के दोनों तटबंधों पर अतिरिक्त अभियंताओं की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी अभियंताओं को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहते हुए लगातार चौकसी और निगरानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिए कि इस संबंध में बरती जाने वाली किसी भी प्रकार की शिथिलता को अक्षम्य मानते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल गंगा नदी का जलस्तर कम रहने के कारण गंडक नदी के जल की निकासी गंगा में सुचारू रूप से होने की स्थिति बन रही है। इससे व्यापक रूप से जल-जमाव या गंभीर बाढ़ का खतरा नहीं होने की संभावना प्रतीत होती है। प्रकृति की स्थिति का शत-प्रतिशत पूर्वानुमान कठिन है। लेकिन वर्तमान में स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है। उन्होंने अपील की कि बिल्कुल घबराएँ नहीं। केवल सतर्क और सजग रहने की जरूरत है।
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