लखनऊ, 23 मई 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, सेवामित्र व्यवस्था को प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक सुविधा केंद्र बनाने और रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, अच्छी शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।
शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास को प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने निजी क्षेत्र के साथ मिलकर इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2020 में शुरू हुई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष के कामकाजी बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया जा रहा है और आर्थिक सहायता दी जा रही है। फिलहाल यह योजना 20 जनपदों में चल रही है। मुख्यमंत्री ने नए प्रावधानों के साथ इसे पूरे प्रदेश के 75 जनपदों में लागू करने का आदेश दिया।
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