नई दिल्ली, 27 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिहार समेत पांच राज्यों में चुनाव के दौरान चलाई गई विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया को वैध और संवैधानिक माना है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग को SIR के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाने का पूरा अधिकार है। यह प्रक्रिया मनमानी नहीं है।
कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि संदिग्ध नागरिकता के आधार पर वोटर लिस्ट से हटाए गए व्यक्तियों की सूची चार हफ्ते के अंदर केंद्र सरकार को सौंप दी जाए। चुनाव आयोग ने करीब 11 महीने पहले बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए SIR की शुरुआत की थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी यह प्रक्रिया चलाई गई। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) किया गया था।
इन राज्यों में कुल करीब 2.65 करोड़ वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए थे। सबसे पहले बिहार SIR मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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