चंडीगढ़, 21 अगस्त 2026: बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए संचालित स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार देते हुए नियमों में बदलाव किया है। अब दो लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण के लिए आवेदन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।
आवेदन की जांच के बाद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और निगम को आवेदन मिलने के बाद निबटारे के लिए 15 कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गई है। पहले यह व्यवस्था चार लाख रुपये तक लागू थी जिसे घटाकर दो लाख रुपये किया गया है। दो लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए विद्यार्थियों को विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। संशोधित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। चालू वित्तीय वर्ष में 950 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति मिली है। साथ ही राज्य में उच्च शिक्षा के सकल नामांकन अनुपात को 28.4% से बढ़ाकर 30% करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना में ऋण की राशि के अनुसार पुनर्भुगतान की अवधि तय की गई है। दो लाख रुपये तक के ऋण को मोरेटोरियम अवधि के बाद अधिकतम तीन वर्ष, दो से चार लाख रुपये तक के ऋण को अधिकतम पांच वर्ष और चार से 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण को अधिकतम 10 वर्ष में चुकाने की सुविधा होगी।
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