मिडिल ईस्ट युद्ध का असर, तारकोल हुआ महंगा, हरियाणा सरकार ने इंपोर्टेड तारकोल के इस्तेमाल को दी मंजूरी

by Manu
Haryana government

चंडीगढ़, 18 अप्रैल 2026: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण तारकोल (बिटुमेन) की कमी और उसकी कीमतों में भारी उछाल को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अगले छह महीने तक राज्य में आयातित तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद यह है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के काम किसी भी तरह से प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को सिविल सचिवालय में सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े सभी विभागों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 28 फरवरी को तारकोल का दाम 46,402 रुपये प्रति मीट्रिक टन था। यह कीमत 1 अप्रैल तक बढ़कर 76,152 रुपये प्रति मीट्रिक टन हो गई। साथ ही आपूर्ति भी करीब 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है।

सरकार का मानना है कि आयातित तारकोल के इस्तेमाल से सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम सुचारू रूप से चलता रहेगा। इस फैसले से राज्य में सड़क विकास परियोजनाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को रोका जा सकेगा।

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