नई दिल्ली, 30 मई 2026: दिल्ली सरकार निर्माण और धूल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने जा रही है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) जल्द ही डस्ट पोर्टल 2.0 लॉन्च करेगी, जिसके जरिए राजधानी की सभी निर्माण साइटों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
इस पोर्टल में एआई कैमरे, पीएम 2.5 और पीएम 10 सेंसर तथा क्यूआर कोड आधारित सिस्टम लगाया जाएगा। इससे न सिर्फ नियम तोड़ने वाली साइटों की आसानी से पहचान होगी बल्कि फील्ड अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ संकेत दिए हैं कि अब प्रदूषण नियंत्रण सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि पारंपरिक निगरानी प्रणाली अब प्रभावी नहीं रही है। इसलिए नया पोर्टल पूरी तरह एआई आधारित बनाया गया है। बड़े निर्माण स्थलों पर लगाए गए कैमरे और सेंसर लगातार डेटा कंट्रोल रूम को भेजेंगे। यदि किसी साइट पर धूल का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया तो सिस्टम अपने आप संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज देगा।
डस्ट पोर्टल 2.0 निर्माण साइटों पर डस्ट नेट, एंटी-स्मॉग गन और पानी के छिड़काव जैसी जरूरी व्यवस्थाओं की भी निगरानी करेगा। जिन साइटों पर ये इंतजाम नहीं मिलेंगे, वहां तुरंत नोटिस जारी किया जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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