पटना, 7 मई 2026: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बिहटा के ऑडिटोरियम में गुरुवार को 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए मुफ्त ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया गया। भारत सरकार के केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देश के 12 विभिन्न स्थानों पर एक साथ इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार के श्रम संसाधन विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद मुख्य अतिथि और श्रमायुक्त श्री राजेश भारती विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में अधिसूचित श्रम संहिताओं के अंतर्गत, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 की धारा 6(1)(सी) के तहत अब प्रत्येक नियोक्ता के लिए अनिवार्य कर दिया गया है कि वह अपने 40 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करें।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं श्रम सचिव श्री दीपक आनंद ने राज्य में श्रमिकों के कल्याण और नई श्रम संहिताओं को धरातल पर उतारने के प्रति बिहार सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर श्रमायुक्त बिहार ने ओएसएच कोड व राज्य सरकार के प्रयासों से अवगत कराया। वार्षिक स्वास्थ्य जांच के लिए श्रमिकों को सवेतन अवकाश के प्रावधान के संबंध में भी जानकारी दी।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. विनय विश्वास ने अस्पताल के प्रबंधन एवं स्वास्थ्य जांच के महत्वों पर चर्चा की। कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक बिहार सीए निरंजन कुमार ने नए लेबर कोड के प्रावधानों और उसमें नियोक्ताओं एवं श्रमिकों के अधिकारों व कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान ईएसआई द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी चिकित्सा व नकद हितलाभों जैसे बीमारी में वेतन, कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति ने आजीवन पेंशन, मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को 90 प्रतिशत तक आजीवन पेंशन, 26 सप्ताह तक मातृत्व हितलाभ व बीमित श्रमिकों के बच्चों को मेडिकल कॉलेज में आरक्षण की व्यवस्था से भी अवगत कराया गया। सरकार की योजना है कि श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच से बीमारियों की पहचान शुरुआत में ही हो जाएगी। साथ ही ईएसआईसी के माध्यम से मुफ्त इलाज से श्रमिकों का परिवार अचानक आने वाले चिकित्सा के भारी खर्च से बच सकेगा।
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