फरीदकोट, 22 जून : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोग यह नहीं भूले हैं कि किस प्रकार बादल परिवार और शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व ने बार-बार पंजाब के हितों से समझौता किया, तीन कृषि कानूनों का समर्थन किया, राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और प्रदेश में नशे के कारोबार को बढ़ावा मिलने दिया।
फरीदकोट के गांव पंजगराईं कलां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पिछली सरकारों ने पंजाब को नशे, बेरोजगारी और अव्यवस्था की ओर धकेला, वहीं आम आदमी पार्टी सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पारदर्शी सरकारी भर्ती, शिक्षा सुधार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और महिला कल्याण योजनाओं के माध्यम से राज्य की तस्वीर बदल रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात करने वालों की हर करतूत जनता के सामने लाई जाएगी, जबकि मौजूदा सरकार एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध पंजाब के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
बादल परिवार पर साधा निशाना
पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल परिवार ने लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए हमेशा अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और लोगों के हितों की कीमत पर राजनीतिक और व्यक्तिगत लाभ उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे, तब अकाली नेतृत्व ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों के लिए धर्म का भी दुरुपयोग किया गया, जिसे पंजाब के लोग कभी नहीं भूलेंगे।
नशे और गैंगस्टरवाद पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान नशा तस्करों को संरक्षण मिला, जिससे पंजाब की कई पीढ़ियां प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार नशा तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है और प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
67,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 67,500 से अधिक युवाओं को पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां दे चुकी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में अब भ्रष्टाचार और सिफारिश का दौर समाप्त हो चुका है तथा युवाओं को केवल योग्यता के आधार पर रोजगार मिल रहा है। सरकार प्रदेश के प्रत्येक रुपये का उपयोग जनता के विकास और कल्याण पर कर रही है।
मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के अंतर्गत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।
1 जुलाई से शुरू होगी ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1 जुलाई से ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी और इसके लिए राज्य सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बेअदबी रोकने के लिए नया कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ लागू कर ऐतिहासिक कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया था। सरकार ने कानूनी विशेषज्ञों से विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ऐसा मजबूत कानून तैयार किया है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी कमजोरी न रह जाए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ प्रभावी निवारक साबित होगा और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद करेगा।
कार्यक्रम के दौरान पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
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