चंडीगढ़, 27 अप्रैल 2026: Heatstroke Remedy: पंजाब इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और इस समय फ़सल कटाई का मौसम भी अपने चरम पर है, जिसके कारण गर्मी के साथ-साथ हवा में काफ़ी धूल और कण भी मौजूद हैं। मैं आपके साथ लू (हीट वेव) से बचाव और उसके इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करने जा रहा हूँ।
लू से कैसे करे बचाव?
जब गर्मियों के मौसम में तापमान सामान्य से काफ़ी ज़्यादा बढ़ जाता है, तो इसे ‘लू’ या ‘हीट वेव’ कहा जाता है। यह स्थिति जानवरों, पक्षियों, पेड़-पौधों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी बहुत घातक होती है। यह स्थिति न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक है, बल्कि जानलेवा भी हो सकती है। आजकल, शरीर में पानी की कमी और शरीर का तापमान नियंत्रण से बाहर हो जाना मुख्य समस्याएँ हैं।
1. बचाव के उपाय
कुछ सावधानियाँ बरतकर हम गर्मी के हानिकारक प्रभावों से बच सकते हैं
ज़्यादा पानी पिएँ: बार-बार पानी पीते रहें, भले ही आपको प्यास न लगी हो। इसके अलावा, नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी और ORS घोल लेना बहुत फ़ायदेमंद होता है।
सही कपड़ों का चुनाव: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। ये पसीना सोखते हैं, शरीर को साँस लेने देते हैं और शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद करते हैं।
बिना काम के धूप में बाहर जाने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें, जब सूरज सबसे तेज़ होता है और तापमान भी बहुत ज़्यादा (40-42 डिग्री) होता है। अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो छाता लेकर जाएँ, टोपी पहनें या कपड़े से अपना सिर ढक लें।
खान-पान पर ध्यान: हल्का और ताज़ा खाना खाएँ। बासी खाना या फ़ास्ट फ़ूड खाने से बचें, क्योंकि ये खाने की चीज़ें संक्रमण की संभावना बढ़ाती हैं, जिससे उल्टी और दस्त हो सकते हैं, और कभी-कभी शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी हो सकती है। ज़्यादा प्रोटीन वाला और मसालेदार खाना खाने से बचें, क्योंकि ये शरीर की गर्मी बढ़ा सकते हैं।
अगर आप कसरत करते हैं या जिम जाते हैं, तो अपनी क्षमता के अनुसार ही कसरत या वर्कआउट करें, क्योंकि इस दौरान ज़्यादा पसीना आने से आपको डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे आपका ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। अगर बच्चे शाम को गली या मैदान में खेलने जाते हैं, तो उनके खेलने का समय थोड़ा कम कर दें, ताकि वे लू की चपेट में न आएँ। ऐसे फल खाएँ जिनमें पानी की मात्रा ज़्यादा हो, जैसे तरबूज़, खीरा, संतरा और खरबूज़ा। गन्ने का रस, लस्सी, नारियल पानी और नींबू पानी जितना हो सके पिएँ।

2. हीटस्ट्रोक (लू लगने) के लक्षण
अगर आपको या आपके आस-पास किसी को ये लक्षण दिखाई दें, तो सावधान हो जाएँ तेज़ सिरदर्द और चक्कर आना।
जी मिचलाना या उल्टी होना।
बहुत ज़्यादा पसीना आना।
शरीर का तापमान 104 डिग्री से ज़्यादा होना।
मांसपेशियों में ऐंठन या कमज़ोरी।
खून बहना।
3. इलाज और प्राथमिक उपचार
अगर किसी को हीटस्ट्रोक हो जाए, तो तुरंत ये कदम उठाएँ
1. ठंडी जगह पर ले जाएँ: मरीज़ को तुरंत किसी छायादार जगह या ठंडे कमरे में ले जाएँ।
2. शरीर को ठंडा करें: मरीज़ के शरीर पर गीले कपड़े की पट्टियाँ रखें या उसे ठंडे पानी से नहलाएँ। पंखे की हवा सीधे मरीज़ पर पड़नी चाहिए।
3. तरल पदार्थ: अगर मरीज़ होश में है, तो उसे धीरे-धीरे पानी या पुदीने का शरबत पिलाएँ।
4. चिकित्सीय सहायता: अगर हालत में सुधार न हो और मरीज़ बेहोश हो जाए, तो बिना किसी देरी के उसे नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।
गर्मियों के मौसम में बच्चों और बुज़ुर्गों का खास ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि उन पर गर्मी का असर बहुत जल्दी होता है। बच्चों को बार-बार समझाते रहें कि स्कूल में हर पीरियड के बाद उन्हें पानी ज़रूर पीना चाहिए। अगर बच्चे स्कूल से दोपहिया वाहन या ऑटो से आते हैं, तो उन्हें अपने सिर को सूती कपड़े या चादर से ढक लेना चाहिए, ताकि वे गर्मी से बचे रहें। इस गर्मी में कोल्ड ड्रिंक्स और चाय-कॉफी का सेवन कम से कम करना चाहिए, क्योंकि इन सभी में कैफीन होता है, जिससे बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. वरिंदर कुमार, सुनाम ऊधम सिंह वाला। 9914905353
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