चंडीगढ़, 27 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को पंजाब के हर ज़िले में BJP में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। सड़कों पर “पंजाब के गद्दार” के नारे गूंज उठे और जनता के गुस्से के इज़हार के तौर पर दलबदलुओं के घरों की दीवारों पर “गद्दार” लिख दिया।
ज़िला मुख्यालयों से लेकर औद्योगिक केंद्रों तक जिसमें ट्राइडेंट ग्रुप के बाहर राजिंदर गुप्ता के ख़िलाफ़ एक ज़ोरदार प्रदर्शन भी शामिल था। AAP के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आम जनता के साथ मिलकर बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर अपना गुस्सा ज़ाहिर किया और उन लोगों की खुले तौर पर निंदा की, जिन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक फ़ायदे के लिए पंजाबियों के भरोसे को रौंद डाला है।
इस दलबदल को पंजाब की धरती और गौरव के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार देते हुए, AAP ने मांग की कि इन सांसदों की राज्यसभा सदस्यता तत्काल रद्द की जाए। पार्टी ने साफ़ कर दिया कि जो लोग दबाव और अवसरवाद के चलते BJP के पाले में चले गए हैं, उन्हें पंजाब की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने दलबदलुओं की कड़ी निंदा की और कहा कि राज्यसभा का मकसद संसद में राज्य की आवाज़ बनना होता है। इन सदस्यों को पंजाब के मुद्दे उठाने के लिए भेजा गया था, लेकिन अपनी ज़िम्मेदारी निभाने के बजाय वे BJP में शामिल हो गए। यह शर्मनाक हरकत तीन करोड़ पंजाबियों के साथ किया गया विश्वासघात है। उन्होंने आगे कहा कि BJP ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत ED और CBI का डर दिखाकर इन नेताओं को ज़बरदस्ती अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है।
मंत्री लाल चंद कटारूचक ने भी इस कदम की आलोचना की और कहा कि इन सांसदों को AAP विधायकों की मदद से पंजाब के हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। पंजाब की आवाज़ उठाने के बजाय, उन्होंने राज्य और पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है। विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने की BJP की ऐसी चालें सबके सामने हैं।
लेहरागागा में विरोध प्रदर्शन के दौरान, कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि खरीद-फरोख्त की राजनीति BJP का इतिहास रहा है। इन लोगों के जाने से पंजाब की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ा है, बल्कि इनके असली चेहरे जनता के सामने आ गए हैं। जो कोई भी BJP में शामिल हुआ, उसे बाद में पछताना पड़ा। हम आम आदमी पार्टी की विचारधारा के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
विधायक बलकार सिंह सिद्धू ने कहा कि इन नेताओं के नाम इतिहास में गद्दारों के तौर पर लिखे जाएंगे। AAP ने उन्हें पहचान और पद दिए, लेकिन वे उस भरोसे को कायम रखने में नाकाम रहे। पंजाब की जनता इस विश्वासघात को कभी माफ़ नहीं करेगी और ऐसे नेता राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ जाएँगे।
ये भी देखे: AAP कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के घरों की दीवारों पर लिखा गद्दार