चंडीगढ़, 16 अप्रैल 2026: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (MMSY) भारत की सबसे व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में से एक बनकर उभरी है। इस योजना के तहत, पूरे पंजाब में हर परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल कवरेज दिया जाता है।
शुरू होने के बाद से ही इस योजना का तेज़ी से विस्तार हुआ है। अब तक, लगभग 39 लाख हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं और विभिन्न ज़िलों में कैंप, सामुदायिक सेवा केंद्रों, सुविधा केंद्रों और अन्य सरकारी संस्थानों के ज़रिए रजिस्ट्रेशन का काम जारी है। सरकार के मौजूदा अपडेट के मुताबिक, इस योजना का लक्ष्य लगभग 65 लाख परिवारों को कवर करना है, जिससे लगभग 3 करोड़ लोगों को फ़ायदा होगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना आर्थिक रूप से सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसके ज़रिए परिवार बिना किसी भुगतान के जीवन बचाने वाला और ज़रूरी इलाज करवा सकते हैं। राज्य के निवासियों को समय पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि ज़रूरत पड़ने पर बिना किसी रुकावट के कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का फ़ायदा उठाया जा सके।”
उन्होंने आगे कहा, “इस योजना का लक्ष्य पंजाब को एक कैशलेस और डिजिटल रूप से एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली की ओर ले जाना है, जहाँ हर व्यक्ति को इलाज उपलब्ध हो और आर्थिक कारणों से इलाज में कोई देरी न हो।”
यह योजना 2,300 से ज़्यादा इलाज प्रक्रियाओं को कवर करती है और पंजाब तथा चंडीगढ़ के 850 से ज़्यादा सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधाएँ देती है, जिससे उन्नत चिकित्सा सेवाओं तक सभी की पहुँच सुनिश्चित होती है। इसमें हृदय रोग, कैंसर की देखभाल, डायलिसिस, घुटने बदलने जैसी ऑर्थोपेडिक सर्जरी, नवजात शिशुओं की देखभाल और पुरानी बीमारियों का प्रबंधन शामिल है; ये सभी सेवाएँ स्वीकृत पैकेज दरों के तहत पूरी तरह से कैशलेस दी जाती हैं।
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पॉलिसी वर्ष 2026 में अब तक 1.09 लाख से ज़्यादा लाभार्थियों ने लगभग 340 करोड़ रुपये का इलाज करवाया है। इससे पता चलता है कि इस योजना को व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है और अपने शुरुआती चरण में ही इसे विभिन्न ज़िलों में लागू किया गया है।
इस हेल्थ कार्ड का फ़ायदा पंजाब के हर परिवार को दिया जा रहा है, चाहे उनकी जाति, धर्म, लिंग या आय कुछ भी हो। हालाँकि, इस बारे में अभी भी कुछ गलतफ़हमियाँ हैं, जिन्हें दूर करने की ज़रूरत है।
गलतफ़हमी 1: यह पुरानी योजनाओं का ही एक विस्तार मात्र है।
तथ्य: यह एक व्यापक कवरेज मॉडल है, जिसमें लाभ को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है और पात्रता मानदंड का भी विस्तार किया गया है।
गलतफ़हमी 2: केवल गरीब परिवार ही पात्र हैं।
तथ्य: यह स्वास्थ्य योजना सभी पात्र निवासियों के लिए उपलब्ध है, जिसका लाभ हर कोई उठा सकता है।
गलतफ़हमी 3: कैशलेस इलाज में कुछ छिपे हुए खर्च होते हैं।
तथ्य: इलाज पूरी तरह से कैशलेस है। अनुमोदित सरकारी पैकेज दरों के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में सर्जरी, जांच, भर्ती, दवाएं और इलाज के बाद की देखभाल—सब कुछ पूरी तरह से कैशलेस है।
गलतफ़हमी 4: यह केवल कुछ सीमित अस्पतालों में ही लागू है।
तथ्य: यह पंजाब और चंडीगढ़ में सैकड़ों सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मान्य है।
गलतफ़हमी 5: कवरेज केवल नाममात्र का है।
तथ्य: यह योजना 2,300 से अधिक उपचार पैकेजों के साथ 10 लाख रुपये तक का वार्षिक कवरेज प्रदान करती है।
गलतफ़हमी 6: पंजीकरण केवल आपातकालीन स्थितियों के लिए है।
तथ्य: सत्यापन प्रक्रिया और कार्ड जारी होने में समय लगता है, इसलिए भगवंत मान सरकार समय पर पंजीकरण पर जोर देती है, ताकि आपातकालीन स्थितियों के दौरान किसी भी देरी से बचा जा सके।
पंजाब के सभी परिवारों से आग्रह किया जाता है कि वे अपनी पात्रता की पुष्टि करें और जितनी जल्दी हो सके पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें।
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