फरीदकोट, 30 मार्च 2026: भगवंत मान सरकार के “नशों के खिलाफ जंग” (War on Drugs) अभियान के तहत नशों पर कड़ी कार्रवाई के मामले में फरीदकोट एक मिसाल बनकर उभरा है। जिले में कुल अपराधों में 37% की कमी आई है और लूट व चोरी के मामलों में 97% रिकवरी हुई है।
यह बदलाव कड़ी कार्रवाई, टेक्नोलॉजी पर आधारित निगरानी और लोगों की भागीदारी के मेल से मुमकिन हुआ है। इससे नशों की तस्करी करने वाले स्थानीय नेटवर्क कमजोर हुए हैं और ज़मीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था मज़बूत हुई है। नशों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए भगवंत मान सरकार जो खास कोशिशें कर रही है, उनके अब ज़िला स्तर पर साफ नतीजे दिख रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गांव रक्षा समितियों (VDCs), NGOs और सामाजिक संस्थाओं के साथ नियमित तालमेल बैठकें करने से ज़मीनी स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता काफी बढ़ी है। इससे लोगों की भागीदारी बढ़ी है और स्थानीय लोग नशा बेचने वालों व समाज-विरोधी तत्वों के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं, जिससे पुलिस को तुरंत और सटीक कार्रवाई करने में मदद मिल रही है।
ज़िला पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रज्ञा जैन, IPS ने कहा, “लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है, क्योंकि मुखबिरों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाती है और तुरंत कार्रवाई की जाती है। सभी उम्र के नागरिक इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यह भरोसा नशों और अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने में एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है।
इस बदलाव में टेक्नोलॉजी ने भी अहम भूमिका निभाई है। फरीदकोट में खास जगहों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे निगरानी करने और तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता बढ़ी है। ढिलवां कलां गांव में CCTV का बड़ा नेटवर्क लिंक सड़कों और आस-पास के हाईवे को कवर करता है। इस नेटवर्क तक गांव के प्रशासन और पुलिस, दोनों की सीधी पहुंच है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी इन कदमों के असर की पुष्टि की है। गांव के सरपंच राजविंदर सिंह और “नशों के खिलाफ जंग” अभियान के मालवा ज़ोन के कोऑर्डिनेटर सुखजीत सिंह ढिलवां ने कहा कि CCTV निगरानी से नशों की तस्करी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान हो रही है, जिससे पुलिस को सही समय पर दखल देने और गिरफ्तारियां करने में मदद मिली है।
नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस बदलाव को स्वीकार करते हुए कहा कि लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है और अपराधियों में डर पैदा हुआ है। सहारा सेवा सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण काला ने कहा कि कड़ी कार्रवाई की वजह से ज़िले में नशीले पदार्थों की तस्करी का एक बड़ा हिस्सा टूट गया है, और पुलिस के साथ लोगों का सहयोग भी काफ़ी बढ़ गया है।
अधिकारियों ने आगे बताया कि कार्रवाई के साथ-साथ, लंबे समय से नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इनमें जागरूकता अभियान, स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग, और सामुदायिक स्तर पर पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियाँ व पौधे बाँटने जैसी पहलें शामिल हैं।
भगवंत मान सरकार के ‘नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग’ (War on Drugs) अभियान के तहत, फ़रीदकोट कड़ी पुलिसिंग, तकनीकी एकीकरण और नागरिकों की मज़बूत भागीदारी के साथ नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि कैसे मिलकर किए गए प्रयास नशीले पदार्थों के नेटवर्क को कमज़ोर कर सकते हैं और कानून-व्यवस्था में लोगों का भरोसा फिर से कायम कर सकते हैं।
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