1984 सिख विरोधी दंगों के जनकपुरी विकासपुरी मामले में सज्जन कुमार बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला

by Manu
Life Imprisonment to Sajjan Kumar

दिल्ली, 22 जनवरी 2026: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा के मामले में पूर्व कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को पूरी तरह बरी कर दिया है। इस मामले में दो लोगों की मौत हुई थी।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद यह फैसला सुनाया। सज्जन कुमार ने अपने बचाव में कहा था कि वे निर्दोष हैं। उन्होंने तर्क दिया कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। कोर्ट ने साक्ष्यों की कमी को आधार बनाकर उन्हें बरी किया।

यह मामला 1 नवंबर 1984 को जनकपुरी में दो सिखों सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या से जुड़ा है। दूसरा आरोप 2 नवंबर 1984 को विकासपुरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गुरचरण सिंह को जिंदा जलाने का था। इन घटनाओं में सज्जन कुमार पर भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने का आरोप लगा था।

सात जुलाई को कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते समय सज्जन कुमार ने सभी आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि दंगों के दौरान वे उस जगह पर नहीं थे और उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।

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