अल-फलाह यूनिवर्सिटी का खतरे में अल्पसंख्यक दर्जा, दिल्ली विस्फोट से लिंक पर NCMEI ने जारी किया नोटिस

by Manu
अल-फलाह यूनिवर्सिटी

फरीदाबाद, 25 नवंबर 2025: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। आयोग ने साफ पूछा है कि दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए विस्फोट में यूनिवर्सिटी के दो डॉक्टरों की कथित भूमिका के चलते इसका अल्पसंख्यक दर्जा क्यों न रद्द कर दिया जाए। इस धमाके में 15 लोग मारे गए थे।

नोटिस 21 नवंबर को जारी हुआ। आयोग ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और अल्पसंख्यक दर्जे के दुरुपयोग के मुद्दे पर उठाया। यूनिवर्सिटी के डॉक्टर उमर नबी ने विस्फोटक से भरी कार चलाई थी। वहीं डॉ. मुज्जमिल शकील गनई पर भी आरोप है। दोनों यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं।

NCMEI की सुनवाई 4 दिसंबर को होगी। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और हरियाणा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को अपना पक्ष रखना पड़ेगा। आयोग यह जांचेगा कि क्या प्रबंधन अभी भी उसी अल्पसंख्यक समुदाय के हाथ में है जिसके लिए दर्जा मिला था। साथ ही स्वामित्व या नियंत्रण में कोई बदलाव तो नहीं हुआ।

यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक संस्थाओं के अधिकारों पर सवाल खड़े करता है। आयोग एक क्वासी-ज्यूडिशियल बॉडी है। केंद्र ने मुस्लिम समुदाय सहित छह धार्मिक अल्पसंख्यकों को मान्यता दी है।

फरीदाबाद पुलिस ने भी यूनिवर्सिटी के पास धौज गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि NAAC ग्रेड को लेकर कोई इरादतन चूक नहीं हुई। लेकिन जांच से संस्था की छवि पर असर पड़ रहा है।

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