फिरोजपुर, 12 अगस्त 2025: पंजाब सरकार की इजी रजिस्ट्री सेवा, जिसका मकसद तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार खत्म करना और लोगों को बिना परेशानी के रजिस्ट्री सुविधा देना है, के तहत फिरोजपुर तहसील में पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर की गई कुछ विवादित रजिस्ट्रियां इन दिनों चर्चा में हैं। आरोप है कि पावर ऑफ अटॉर्नी रद्द होने के बावजूद बिना मालिक की मौजूदगी के कुछ कोठियों और घरों की रजिस्ट्रियां कर दी गईं। इस मामले में पीड़ितों ने फिरोजपुर तहसील के स्टाफ और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार और फिरोजपुर जिला प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंजाब सिविल सेवाएं नियम 1970 के नियम 4 के तहत फिरोजपुर तहसील के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, दोनों कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किया गया है और उनकी हाजिरी इस कार्यकाल के दौरान जीरा तहसीलदार के हेडक्वार्टर कार्यालय में दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
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