यूपी, 30 जून 2025: अक्सर आपने यह सुना होगा कि लड़कियों का कोई घर नहीं होता। लड़की आधा जीवन अपने माता-पिता के पास रहकर गुजारती हैं और आधा जीवन अपने पति के घर में। क्योंकि वह शादी के बाद पति के घर चली जाती हैं। शादी के बाद लड़कियों के ससुराल जाने की परंपरा पूरे देश में है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि लड़के घर छोड़ के ससुराल रहते हैं ?
यूपी में एक ऐसा गाँव हैं, जहाँ शादी के बाद लड़कियाँ नहीं लड़के घर छोड़कर अपने ससुराल रहते हैं। इस गाँव में लड़कियों की विदाई नहीं बल्कि लड़कों की विदाई होती है। इस गाँव की पूरी कहानी जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
इसे जिले में स्थित है ये अनोखा गांव
यूपी प्रदेश का यह अनोखा गांव प्रयागराज के नजदीक कौशांबी जिले में स्थित है। करारी कस्बे के किंग नगर मोहल्ले को लोग ‘दामाद वाला मोहल्ला’ कहते हैं।
लड़कों को घरजमाई बनाने के पीछे की वजह
यह परंपरा समाज में फैली कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा और भ्रूण हत्या के खिलाफ एक तरह की सामाजिक पहल है। बुजुर्गों का मानना था कि यदि बेटियों को इन समस्याओं से बचाना है तो यह तरीका सबसे बहतरीन है कि उनकी शादी तो हो, लेकिन दामाद को भी ससुराल में ही बसाया जाए।
घर आज भी है ऐसे घर मौजूद
महिलाओं के साथ हो रही बदसलूकी के कारण यहाँ के बुजुर्गों ने इस तरह के नियम बनाएँ है। अपनी बेटियों की शादी उसी लड़के से करते हैं जो लड़का घर जमाई बनने के लिए राजी होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ आज भी करीब 50 घर ऐसे हैं, जिनके मुखिया दामाद हैं।
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