नई दिल्ली, 20 जून 2025: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने सोशल मीडिया पर बढ़ते अश्लील और भ्रामक कंटेंट को लेकर सख्त कदम उठाया है। आयोग ने साइबर सेल को नोटिस जारी कर हंसी-मजाक के नाम पर डबल मीनिंग वीडियो, ड्रग्स को बढ़ावा देने वाले कंटेंट और गन कल्चर को प्रोत्साहन देने वाली सामग्री को तुरंत प्रतिबंधित करने की मांग की है। NCPCR का कहना है कि इस तरह का कंटेंट बच्चों की मानसिकता पर बुरा असर डाल रहा है।
आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और सख्त करने का निर्देश दिया है, ताकि बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाया जा सके। NCPCR ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट की आजादी का दुरुपयोग कर कोई भी अनुचित कंटेंट अपलोड नहीं कर सकता। यह सामग्री बच्चों और किशोरों के सोचने-समझने और व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जिससे गलत आदर्श स्थापित हो रहे हैं।
कई बाल मनोचिकित्सकों और शिक्षाविदों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और सख्त साइबर कानूनों की जरूरत है।
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