पटना, 04 जून 2025: पिछले कुछ दिनों से बिहार में शिक्षक अभ्यर्थी और शारीरिक शिक्षक नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को मामला तब गंभीर हो गया, जब सैकड़ों शिक्षक और अभ्यर्थी जदयू के प्रदेश कार्यालय पहुंचे और जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को घेर लिया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
शिक्षकों की ये है मांग
शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। शारीरिक शिक्षकों ने बताया कि उन्हें मात्र 8,000 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जो उनके काम और मौजूदा महंगाई के हिसाब से बिल्कुल नाकाफी है। वे मानदेय बढ़ाने और स्थाईकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षक ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा और सवाल उठाया कि “इस महंगाई के दौर में 8,000 रुपये में गुजारा कैसे हो सकता है?” मंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षकों ने धीरे-धीरे प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार को शिक्षा मंत्री जन सुनवाई के बाद जदयू कार्यालय से बाहर निकल रहे थे, तभी शिक्षक अभ्यर्थी और शारीरिक शिक्षकों ने उन्हें घेरने की कोशिश की। मंत्री किसी तरह अपनी गाड़ी तक पहुंचे और वहां से निकल गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोतवाली थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें वहां से हटाकर माहौल शांत कराया।
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