पटियाला, 18 अप्रैल : पंजाब के सेहत मंत्री डा. बलबीर सिंह ने पिछली सरकारों को आड़े हाथ लेते कहा है कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने दलितों को हमेशा वोटों के लिए ही इस्तेमाल किया है। आज यहां बुलाई एक प्रैस कान्फ्रेंस को संबोधन करते डा. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर की इंकलाबी सोच के तहत राज्य के अनुसूचित जातियों और जन जातियों के लोगों को सामाजिक न्याय के मद्देनजर उन का बनता हक दिया है।
सेहत व परिवार भलाई मंत्री ने बताया कि लंबे समय से दलित वर्गों के नौजवान वकीलों की तरक्की के रास्ते में रुकावट दूर करते पंजाब सरकार ने 2017 के एक्ट में संशोधन करके पहली बार ला अफसरों की पोस्टों में आरक्षण की व्यवस्था लाई। उन्होंने कहा कि यह सब इस लिए संभव हो सका क्योंकि आम आदमी पार्टी की नीयत और नीति ईमानदारी वाली है और सरकार ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की विचारधारा पर पहरा दिया है।
डा. बलबीर सिंह ने पंजाब सरकार के फैसले का विस्तार बताते कहा कि 2017 में आम आदमी पार्टी ने विरोधी पक्ष में होते ततकारी कांग्रेस की सरकार को एक्ट में संशोधन बारे सुझाव दिया था परंतु कांग्रेस ने दलित विरोधी सोच का प्रकटावा करते इसको एक तरफ कर दिया। उन्होंने बताया कि अब जब 2022 में मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार अस्तित्व में आई तो हाई कोर्ट, एडवोकेट दफ्तर में वकीलों और सरकारी वकीलों की भरती के लिए एससी, एसटी के लिए 58 पोस्टों का आरक्षण का लाभ दिया गया परंतु इसके बावजूद 15 पोस्टें आमदन के सख्त मापदंडों के कारण खाली रह गई।
डा. बलबीर सिंह ने बताया कि इस लिए अब मान सरकार ने मापदंडों में नरमी और ढील ला कर एडवोकेट जनरल के पदों के लिए आमदन 20 लाख रुपए सालाना, एडीशनल एडवोकेट जनरल के लिए 15 लाख रुपए, सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल के लिए 10 लाख रुपए, डिप्टी एडवोकेट जनरल के लिए 7 लाख रुपए, सहायक एडवोकेट जनरल के लिए 3. 5 लाख रुपए और एडवोकेट आन रिकार्ड की सालाना आमदन की शर्त को आधी आमदन की शर्त में बदल दिया, जिससे बैकलाग की पोस्टें भी अब भरीं जा सकें। उन्होंने कहा कि इस लिए मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और राष्ट्रीय कनवीनर अरविन्द केजरीवाल बधाई के पात्र हैं और वह समूह दलित भाईचारे की तरफ से पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हैं।