केमिकल युक्त खाने पाने के स्तर, वंशवाद, गुण सूत्रों के विकार और अप्रकिृतिक स्थितियों, दिव्यांगता को बढ़ाने प्रति प्रमुख कारण : बाल मुकन्द शर्मा

by TheUnmuteHindi
केमिकल युक्त खाने पाने के स्तर, वंशवाद, गुण सूत्रों के विकार और अप्रकिृतिक स्थितियों, दिव्यांगता को बढ़ाने प्रति प्रमुख कारण : बाल मुकन्द शर्मा

पटियाला, 8 अप्रैल : पंजाब राज खुराक कमीशन के चेयरमैन बाल मुकन्द शर्मा ने यहां नवजीवनी स्कूल आफ स्पैशल एजुकेशन, सूलर के 44वें स्थापना दिवस मौके शिरकत की। इस मौके संबोधन करते बाल मुकंद शर्मा ने आज कल केमिकल युक्त खाने पाने के स्तर, वंशवाद/ गुण सूत्रों (जीनज) के विकार और अप्रकिृतिक स्थितियों, दिव्यांगता को बढ़ाने प्रति प्रमुख कारणों के बढऩे पर चिंता जाहिर की। बाल मुकन्द शर्मा ने बताया कि आम तौर पर 100 आम तंदरुस्त बच्चों के जन्म पीछे लगभग तीन बच्चे दिव्यांग पैदा हो रहे हैं। नवजीवनी स्कूल आफ स्पैशल एजुकेशन मन्दबुधिता और इस साथ साथ जुड़े अन्य विकारों जैसे कि औटिजम और सैरेबरल पालिसी आदि मामलों में समय से पहले दखल देकर विकारों को रोकने के लिए तत्पर है।

प्रोग्राम की शुरुआत हरी झंडी फहरा कर की

चेयरमैन ने इस स्कूल और प्रबंधकों की प्रशंसा करते कहा कि इस स्कूल ने अपनी स्थापना वर्ष 1981 से ले कर अब तक लगभग 152 विशेष जरूरतों (इंटलैक्चुअल और डैवल्पमैंटल डिसेबिलिटीज) वाले हजारों बच्चों के पुनर्वास के लिए निरंतर प्रदान की सेवाएं प्रशंसनीय हैं। बाल मुकन्द शर्मा ने कहा कि उनको इस बात की तसल्ली और खुशी है कि स्कूल में स्पैशल एजुकेशन आधारित तरीकों के साथ बच्चों की शिक्षा और जीवन गुणवत्ता का स्तर ऊंचा उठाने के लिए प्रयास किये जाते हैं। उन्होंने इस प्रोग्राम की शुरुआत हरी झंडी फहरा कर की। इस मौके विशेष जरूरतों वाले बच्चों ने अपनी विलक्षण खेल का दिलचस्प प्रदर्शन किया। नवजीवनी स्कूल आफ स्पैशल एजुकेशन इंटलैक्चुअल और डिवैल्पमैंट डिसेबल (मन्दबुधिता) बच्चों के लिए डे- बोर्डिंग और हास्टल की सुविधा भी प्रदान करता है, जिसमें पूरे भारत से बच्चे विशेष शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस मौके जिला अटार्नी अनमोल जीत सिंह, डा. अमरजीत सिंह सोही, सचिव सर्बजीत कौर समेत शहर के अन्य गणमान्य भी हाजिर हुए।

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