Prayagraj News: जस्टिस यशवंत वर्मा, जो भारी मात्रा में नोट मिलने के मामले में सुर्खियों में आए थे, ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बतौर न्यायाधीश शपथ ले ली है। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने उन्हें लाइब्रेरी हॉल में सुबह 9:30 बजे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इसके बाद उनका नाम इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर सातवें नंबर पर दर्ज कर लिया गया। रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल आशीष श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की।
जस्टिस यशवंत वर्मा का तबादला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए किया था। दिल्ली हाईकोर्ट में रहते हुए वह कैश कांड में विवादों में घिर गए थे। हालांकि, उनके शपथ ग्रहण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कड़ा एतराज जताया। बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की और सवाल उठाया कि शपथ ग्रहण की जानकारी एसोसिएशन को क्यों नहीं दी गई।
इससे पहले, कोलेजियम के तबादले के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों ने विरोध जताया था। इसके चलते सात दिनों तक कोर्ट का कामकाज ठप रहा। बाद में वादियों की परेशानी को देखते हुए 29 मार्च को हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया गया और मंगलवार से हाईकोर्ट में कामकाज फिर शुरू हो गया। बार एसोसिएशन का कहना है कि वह इस मामले में अपनी नाराजगी को लेकर अभी भी असंतुष्ट है।
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