गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को सौंपा पीयू के वाइस चांसलर का चार्ज
– 6 महीनों के लिए जारी किये आदेश
पटियाला, 22 फरवरी : पंजाबी यूनिवर्सिटी की लावारिस स्थिति सम्बन्धित पंजाब केसरी की तरफ से लगातार छापी खबरों के बाद आखिर आज पंजाब के राज्यपाल की डायरैक्शन के बाद एडीशनल चीफ सैक्ट्री के शिवा प्रसाद ने गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. कर्मजीत सिंह को पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के वाइस चांसलर का 6 महीने के लिए चार्ज सौंपा है। आदेशोंं में यह भी लिखा है कि यदि नए वीसी की अपुआइंटमैंट हो जाती है तो यह आर्डर कैंसल समझे जाएंगे।
पंजाब केसरी ने लगातार कई दिन पंजाबी यूनिवर्सिटी की लावारिस हालत सम्बन्धित मुद्दा उठाया था। यह भी स्पष्ट है कि बिना वीसी से यूनिवर्सिटी के समुचे कामों को ब्रेकें लगी थी। सबसे बड़ी बात की बजट सिर पर आ चुका था। इस लिए एक परमानेंट वाइस चांसलर की जरूरत थी। राज्यपाल ने सरकार की तरफ से फिर भेजी हुई वीसी के लिए तीन प्रोफैसरों की फाइल को वापिस करने के बाद यह फैसला लिया गया है।
पंजाबी यूनिवर्सिटी को आज भी एक रैगुलर वाइस चांसलर की जरूरत है। असल में यूनिवर्सिटी बिना रैगुलर वीसी से चल ही नहीं सकती। पंजाबी यूनिवर्सिटी अपने आप में एक बड़ा संस्थान है, जिस में हजारों विद्यार्थी पढ़ते हैं और हजारों लोग इसके साथ जुड़े होते हैं। हालांकि सरकार ने और राज्यपाल ने फिर गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को टैम्परेरी चार्ज देकर बुत्ता सारने वाली बात की है। अब यह आगामी समय ही बताएगा कि यह वाइस चांसलर किस तरह यूनीवरसिट को चलाते हैं।
38 साल का अध्यापक तजुर्बा है डॉ. कर्मजीत ङ्क्षसह को
गौरतलब है कि डा. करमजीत सिंह जगत गुरू नानक पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, पटियाला के संस्थापक वाइस- चांसलर रह चुके हैं और उन का 38 साल का अध्यापन का तजुर्बा है। उनकी प्रकाशनाओं में पांच टेक्स्ट बुक, तीन संपादित पुस्तकें और 51 खोज- पत्र शामिल हैं। उनकी निगरानी में डेढ़ दर्जन से अधिक विद्यार्थियों ने डॉक्टरेट की डिगरी हासिल की है। डा. कर्मजीत सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड (2023) के साथ सम्मानित किया जा चुका है।
उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एम.काम करने के बाद पीएच.डी (वित्त) की डिगरी हासिल की। उन्होंने 30 सितम्बर, 2018 से 30 सितम्बर, 2020 तक पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में बतौर रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के सिंडिकेट मैंबर के अलावा वह अलग अलग प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके हैं और वह यू.जी.सी. माहिर कमेटी के मैंबर भी रहे हैं।
डा. कर्मजीत सिंह इंडियन अकाऊंटिंग एसोसिएशन (2017- 18) के प्रधान भी रहे और इंडियन कामर्स एसोसिएशन की तरफ से 14 अक्तूबर, 2017 को जैपुर में उनको सर्वोत्तम बिजनस अकादमिक अवार्ड 2017 के साथ सम्मानित किया गया। वह अन्य अलग- अलग प्रशासनिक और अकादमिक विशेषताएं रखते हैं।
गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को सौंपा पीयू के वाइस चांसलर का चार्ज
6 महीनों के लिए जारी किये आदेश
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