नुक्सान से बचाने के लिए सरकार 2025- 26 के लिए हाइब्रिड धान की फसल बीजने से किसानों को रोके : तरसेम सैनी

एग्रीकल्चर डिपार्टमैंट के जिलों और ब्लाक स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएं

by TheUnmuteHindi
Govt to prevent farmers from sowing hybrid paddy crop for 2025-26 to avoid losses: Tarsem Saini

नुक्सान से बचाने के लिए सरकार 2025- 26 के लिए हाइब्रिड धान की फसल बीजने से किसानों को रोके : तरसेम सैनी
– एग्रीकल्चर डिपार्टमैंट के जिलों और ब्लाक स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएं
पटियाला, 19 फरवरी : आल इंडिया शैलर एसोसिएशन के प्रधान तरसेम सैनी ने आज यहाँ कहा है कि साल 2024- 25 के में हुई धान की खरीद में ज़्यादातर हाइब्रिड बीज होने के कारण पिछले साल जहां किसानों को धान की फसल कम रेट पर बेचने के साथ किसानों का बहुत बड़ा नुक्सान हुआ वहां ही शैलर मालिकों को भी अधिक ब्रोकन होने के कारण और धान में से कम चावल निकलने के कारण नुक्सान हो रहा है। इस लिए पंजाब सरकार को तुरंत किसानों को यह हाइब्रिड धान की फसल बीजने से रोकना चाहिए जिससे पंजाब का नुक्सान न हो।
तरसेम सैनी ने कहा कि जिस तरह मिलिंग की रफ्तार चल रही है उस मुताबिक मिलिंग पिछले साल की अपेक्षा भी कम होगी। इसके साथ ही जो शैलर मालिक 100 कि. मी से ले कर 300 कि. मी तक बिना ट्रांसपोर्ट से माल लगा रहे हैं उन्होंने जहां इंडस्ट्री का नुक्सान किया है उनको वित्तीय नुक्सान भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल भी इस सब के बावजूद बीज विक्रेता आढ़तियों के द्वारा हाइब्रिड बीज को प्रोमोट करने के लिए बुकिंग कर चुके हैं भाव अगले साल हाइब्रिड बीज और भी ज़्यादा बीजा जायेगा और किसानों को इस का बहुत मोटा खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि जहां शैलरें में कुछ समय पहले चावल लगाने से रह गए हैं उन शैलरों को सरकार ने रेट बढ़ाने के लिए पैसे लेने शुरू कर दिए हैं। इसलिए इस बार भी बहुत से शैलर डिफाल्ट होंगे क्योंकि जहां धान की छटाई में बाए प्रोडक्ट व छिलबा कम होने के कारण नुकसान हो रहा है, वहंाल ेबरों के डबल रेट खर्च व क्वालिटी की धराप होने के कारण बुहुत सारे मालिक पूरा चावल नहीं भुगता सकेंगे। तरसेम सैनी ने कहा कि इस नुक्सान के कारण अगले साल रॉयस इंडस्ट्री बिल्कुल धान की फसल नहीं उठा सकेगी क्योंकि हाइब्रिड धान की फसल होने के कारण और अधिक तापमान इन दिनों में होने के बावजूद भी धान में 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक सरकार की स्पैसीफिकेशन से अधिक टुकड़ा हो रहा है। इसी तरह यदि हाईब्रिड बीज सरकार ने ना रोका तो अगले वर्षांे में इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा।
हाइब्रिड बीज की मात्रा 70 से 80 प्रतिशत होने की उम्मीद
तरसेम सैनी ने कहा कि इस साल हाइब्रिड बीज की मात्रा 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत होने की उम्मीद है क्योंकि जो पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की प्रमाणित किस्मों हैं उन किस्मों को किसान बीज नहीं रहे इसलिए हम पंजाब कृषि विभाग मंत्री, फाइनांस कमीशन रैविन्यू और पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को निवेदन करते हैं कि इस हाइब्रिड बीज कंपनियां और बीज बेचने वालों डीलरों पर कड़ी कार्यवाही की जाये नहीं तो अगले सालों में जो इंडस्ट्री थोड़ी बहुत रहती है वह भी घाटे के कारण काम नहीं करेगी जिस के साथ किसानों का और आढ़तियों का भी नुक्सान होगा। उन्होंने कहा कि वह किसान जत्थेबंदियों से अपील करते हैं कि वह किसानों को एकजुट करें और पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रमाणित किस्में ही लगाएं और साथ ही किसानों को यह भी अपील करते हैं कि जिस भी बीज विक्रेता से वह बीज लेते हैं उनको उसका बिल लेना जरूरी होगा क्योंकि पिछली बार देखने में आया है कि किसान भाई किसी भी दुकानदार से बिल नहीं लेते क्योंकि उन्होंनेे बहुत से आढतियों के द्वारा बहुराष्ट्री कंपनियों का बीज ले लिया और वह कंपनियां डीलरों ,आढ़तियें को भी बहुत मोटा कमीशन दे रही हैं और किसान उन लोगों के भरोसे बीज ले कर बीज लेते हैं। पंजाब सरकार इसको सख्ती के साथ लागू करे नहीं तो इस का खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा।

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