KIIT University की छात्रा ने आत्महत्या की, पूर्व प्रेमी पर उत्पीड़न का आरोप

by Manu
KIIT suicide case

भुवनेश्वर, 18 फ़रवरी 2025:  KIIT University Suicide Case: रविवार शाम को केआईआईटी विश्वविद्यालय (KIIT University) की मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की तीसरे वर्ष की छात्रा, प्रकृति लमसल ने कथित तौर पर मानसिक उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली। उनके दोस्तों और परिवार ने आरोप लगाया है कि इस दुखद कदम के लिए उनके पूर्व प्रेमी, अदविक श्रीवास्तव का उत्पीड़न जिम्मेदार था।

ऑडियो क्लिप में आरोपित की गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न

प्रकृति और अदविक के बीच एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें अदविक को गाली-गलौज करते हुए सुना जा सकता है। इस ऑडियो में अदविक ने प्रकृति की गरिमा को ठेस पहुँचाई, और लड़की को लगातार मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इस बातचीत के दौरान प्रकृति को कई बार रोते हुए सुना गया। यह क्लिप वायरल होने के बाद, मामले में नया मोड़ आ गया है और मृतक के परिवार और दोस्तों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व प्रेमी का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न: दोस्तों का आरोप

प्रकृति के करीबी दोस्तों ने दावा किया है कि अदविक श्रीवास्तव ने तीन साल के रिश्ते के दौरान शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया। दोस्तों के मुताबिक, अदविक का व्यवहार अपमानजनक था और उसने प्रकृति को लगातार परेशान किया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। दोस्तों ने यह भी कहा कि प्रकृति ने कई बार मदद की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की।

KIIT University Suicide Case: विश्वविद्यालय की लापरवाही पर सवाल उठाए गए

प्रकृति के आत्महत्या करने के बाद विश्वविद्यालय की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रकृति ने आत्महत्या से एक महीने पहले विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय संबंध कार्यालय (आईआरओ) से संपर्क किया था और अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बताया था। हालांकि, उसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे उसे लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा और वह इस दुखद कदम को उठाने पर मजबूर हो गई।

आरोपी की गिरफ्तारी और भागने की कोशिश

प्रकृति की आत्महत्या के बाद भुवनेश्वर पुलिस ने अदविक श्रीवास्तव को उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले अदविक ने सोशल मीडिया पर कोलकाता के लिए फ्लाइट टिकट की तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिससे यह प्रतीत होता है कि उसे अपनी गिरफ्तारी का डर था और वह इस मामले से बचने की कोशिश कर रहा था।

KIIT suicide case: डीसीपी की त्वरित कार्रवाई का आश्वासन

भुवनेश्वर के डीसीपी पिनाक मिश्रा ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “हमने इस घटना की पूरी गंभीरता से जांच की है और छात्रों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की सभी जरूरतों का ध्यान रखा है। हम सभी संबंधित सामग्री जैसे मोबाइल फोन और लैपटॉप को सुरक्षित तरीके से जब्त कर रहे हैं ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो। हमारी टीम ने छात्र-छात्राओं और विश्वविद्यालय अधिकारियों से पूरी जानकारी ली है और उनकी काउंसलिंग की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद, हम अगले कदमों पर विस्तार से जानकारी देंगे।”

KIIT suicide case: समाज में मानसिक उत्पीड़न पर बढ़ी जागरूकता की जरूरत

यह घटना समाज और शैक्षिक संस्थानों में मानसिक उत्पीड़न और छात्र सुरक्षा से संबंधित गंभीर सवाल उठाती है। प्रकृति की आत्महत्या ने यह साबित कर दिया कि शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का प्रभाव न केवल व्यक्तिगत जीवन पर, बल्कि भविष्य पर भी गहरा असर डाल सकता है। इसके साथ ही यह भी दर्शाता है कि संस्थानों को विद्यार्थियों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और उत्पीड़न के मामलों में तुरंत और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

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