खनौरी बार्डर पर हुई एतिहासिक किसान महा पंचायत : पहुंचे लाखों किसान

मैं कुछ नहीं कर रहा, सब परमात्मा करवा रहा : किसान नेता जगजीत डलेवाल

by TheUnmuteHindi
खनौरी बार्डर पर हुई एतिहासिक किसान महा पंचायत : पहुंचे लाखों किसान

खनौरी बार्डर पर हुई एतिहासिक किसान महा पंचायत : पहुंचे लाखों किसान
मैं कुछ नहीं कर रहा, सब परमात्मा करवा रहा : किसान नेता जगजीत डलेवाल
चंडीगढ़, 4 जनवरी : खनौरी बार्डर पर आज जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन के 40वें दिन खनौरी किसान मोर्चे पर ऐतिहासिक किसान महापंचायत हुई, जिसमें देशभर से लाखों किसानों ने भाग लिया, इस महापंचायत को स्वयं जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सम्बोधित किया। किसान महापंचायत में लाखों किसान पहुंचे जिसकी वजह से नरवाना से लेकर पातड़ा तक रोड़ पूरी तरह जाम रहा, हरियाणा पुलिस ने नरवाना, उझाना, पिपलथा, धनौरी में नाके लगा कर किसानों को रोकने के प्रयास किये जो किसानों के जोश व संख्या के कारण फेल हो गए।
इस अवसर पर जगजीत सिंह डल्लेवाल जी ने कहा कि मैं कुछ नहीं कर रहा हूँ, सब परमात्मा/प्रकृति और वाहेगुरु करवा रहे हैं, उन्होंने कहा कि मैं सरकार की गलत नीतियों के सामने झुकने की बजाय सडक़ पर लड़ते हुए अपनी शहादत देना पसन्द करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं उन 7 लाख किसानों को भूल नहीं पाता हूं, जिन्होंने सरकार की गलत नीतियों के कारण आत्महत्या कर ली, आत्महत्या करने वाले किसानों के अनाथ बच्चों के बारे में सोच कर मुझे रात को नींद नहीं आती। उन्होंने कहा कि अगर मेरी कुर्बानी से लाखों किसानों की आत्महत्या रुकती है तो मुझे अपनी कुर्बानी देना मंजूर है। किसान नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जब रूस या यूक्रेन जाते हैं तो कहते हैं कि बड़े से बड़े मुद्दों का समाधान बातचीत से होता है लेकिन अपने देश के किसानों से प्रधानमंत्री जी व केंद्र सरकार बात नहीं करते हैं।
10 जनवरी को जलाए जाएंगे केंद्र सरकार के पुतले
किसान नेताओं ने कहा कि 20 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री जी ने पहली बार संसद में प्रवेश किया तो वो संसद की सीढिय़ों के सामने नतमस्तक हो गए थे और कहा था कि मैं संसद की हर भावना का सम्मान करूंगा लेकिन कुछ दिन पहले संसद की कृषि विषयों पर बनी स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में सर्वसम्मति से कहा है कि रूस्क्क गारंटी कानून बनना चाहिए लेकिन मोदी सरकार संसद की सर्वदलीय कमेटी की रिपोर्ट को मानने को तैयार नहीं है तो क्या मोदी सरकार संसद का सम्मान नहीं करती? किसान नेताओं ने कहा कि 10 जनवरी को देशभर में गाँव स्तर पर मोदी सरकार के पुतले जलाए जाएंगे। आज की महापंचायत में मुख्य तौर पर काका सिंह कोटड़ा, सुखजीत सिंह हरदोझण्डे, सरवन सिंह पंधेर, दिलबाग हरिगढ़, सुरजीत फूल, अमरजीत मोहड़ी, इंदरजीत सिंह कोटबुड्डा, लखविंदर सिंह औलख, अभिमन्यु कोहाड़, गुरदास सिंह, राजिंदर चहल, बलदेव सिंह सिरसा, सुखदेव भोजराज, सुखजिंदर खोसा, अरुण सिन्हा (बिहार), जसदेव सिंह (मध्यप्रदेश), क़ुर्बुरु शांताकुमार (कर्नाटक), पी आर पांड्यन (तमिलनाडु), संदीप सिंह, मनिंदर मान व इंदरजीत पन्नीवाला (राजस्थान), शेरा अटवाल, हरसुलिन्दर सिंह, हरपाल चौधरी, अनिल तालान, जितेंद्र शर्मा, अवनीश पंवार (उत्तर प्रदेश), वेंकटश्वर नल्लामल्ला (तेलंगाना), अनिल श्योपुर (मध्यप्रदेश) आदि मौजूद रहे।

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