पुलिस ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों के विरुद्ध चलाई मुहिम, पकड़े 12255

नशों के सम्बन्धित दर्ज किए गए 8935 मामलों में से 12255 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है : आई. जी गिल

by TheUnmuteHindi
पुलिस ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों के विरुद्ध चलाई मुहिम, पकड़े 12255

पुलिस ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों के विरुद्ध चलाई मुहिम, पकड़े 12255
नशों के सम्बन्धित दर्ज किए गए 8935 मामलों में से 12255 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है : आई. जी गिल
चंडीगढ़, 31 दिसंबर : इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस (आई.जी.) सुखचैन गिल ने एक पत्रकार सम्मेलन दौरान कहा कि नशा तस्करों और गैंगस्टरों के विरुद्ध मुहिम चलाई जा रही है, जिस मुहिम दौरान नशों सम्बन्धित दर्ज किये गए 8935 मामलों में से 12255 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिन में 1213 व्यापारिक और 210 बड़े तस्कर पकड़े गए और 1316 घटिया किस्म के थे। व्यापारिक तौर पर 176 और अमृतसर दिहाती में 465, बठिंडा में माध्यम के तौर पर सबसे अधिक था। उन्होंने बताया कि 1099 हेरोइन, 991 अफीम, 414 क्विंटल भुक्की, 2 करोड़ 94 लाख गोलियां और मैडीकल नशे के टीके, 14 करोड़ रुपए से अधिक की ड्रग मनी जब्त की। गिल ने बताया कि ड्रोनों पर नजर रखते 513 स्थानों से नशा पकड़ा गया, जिन में 257 ड्रोन फेंके गए, जबकि माड़ी कटड़ा में ड्रोन में नशीले पदार्थों की 185 किलो हेरोइन बरामद की गई। उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल को जालंधर में 13 दोषी पकड़े गए थे, जिनके पास से 48 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। 2022 में गैंगस्टर एजीटीएफ का गठन किया गया था जिस में 559 गैंगस्टर पकड़े गए थे जिनमें से 118 एजीटीएफ में और बाकी फील्ड यूनिट में पकड़े गए थे। उन्होंने बताया कि गैंगस्टर गुरमीत सिंह काला धनौल का एनकाउंटर किया और 198 गैंगस्टर पकड़े गए हैं।
64 मामलों में गैंगस्टरों के साथ हुई गोलीबारी
64 मामलों में गैंगस्टरों के साथ गोलीबारी हुई, जिस में 63 पकड़े गए, 13 जखमी हुए, 3 मारे गए, 9 पुलिस मुलाजिम जखमी हुए और एक कांस्टेबल शहीद हुआ। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस में अब तक 10 हजार 189 पुलिस मुलाजिम भरती किए जा चुके हैं। गिल ने बताया कि पुलिस के लिए 378 करोड़ रुपए खर्च किये गए हैं जिसमें 426 वाहन खरीदे गए हैं और सभी थानों को नए वाहन दिए गए हैं, जिसमें 444 वाहन एस.एफ.एस. 28 साईबर क्राइम पुलिस स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें 1930 कालों पर 351901 शिकायतें की गई हैं, 73 करोड़ रुपए से अधिक की रिकवरी की गई है। उन्होंने कहा कि अपराधों में शामिल नाबालगों को मुख्य धारा में लाने के लिए सैल्ल बनाए गए हैं जिससे वह भविष्य में अपराध न करें।

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