डॉ. मनमोहन सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की

व्लादिमीर पुतिन ने मनमोहन सिंह को एक उत्कृष्ट राजनेता बताया

by TheUnmuteHindi
डॉ. मनमोहन सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की

डॉ. मनमोहन सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की
व्लादिमीर पुतिन ने मनमोहन सिंह को एक उत्कृष्ट राजनेता बताया
नई दिल्ली, 28 दिसंबर : देश भर में पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन ङ्क्षसह के निधन के बाद जहां शोक जताया जा रहा है, वहीं देशों विदेशों से भी राजनेताओं द्वारा डा. मनमोहन ङ्क्षसह द्वारा किए जा रहे कार्यांे को याद किया जा रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग की है। संजय सिंह का कहना है कि देश के विकास और आर्थिक सुधारों में डॉ. सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा, डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे एक महान अर्थशास्त्री और ईमानदार नेता थे। उनके योगदान को इतिहास हमेशा याद रखेगा। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए उनके सहयोगी और यूपीए सरकार के मंत्री सुबोध कांत सहाय ने भी उनकी प्रशंसा की।
भारत-रूस के संबंधों को लेकर पुतिन ने किया डा. मनमोहन ङ्क्षसह को याद
वहीं दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक उत्कृष्ट राजनेता बताया और भारत-रूस संबंधों को ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक सांझेदारी के स्तर तक बढ़ाने में उनके योगदान को याद किया। पुतिन ने एक शोक संदेश में कहा कि सिंह ने भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और विश्व मंच पर इसके हितों को स्थापित करने में बहुत कुछ हासिल किया। दिसंबर 2010 में रूस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ी थी। साल 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे और भारत के आर्थिक सुधारों के जनक के रूप में लोकप्रिय हुए सिंह का बृहस्पतिवार रात निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। पुतिन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के रूप में और अन्य उच्च पदों पर रहते हुए, उन्होंने भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और विश्व मंच पर इसके हितों को स्थापित करने में बहुत कुछ हासिल किया। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उन्होंने हमारे दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाकर उन्हें मजबूत करने में बड़ा व्यक्तिगत योगदान दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे राजनेता थे, जिनको आज पूरा विश्व याद कर रहा है।

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