नई दिल्ली, 15 नवंबर : उत्तर प्रदेश में यूपीपएससी के अभ्यार्थियों की मांगों को उस समय राहत मिली जब, योगी सरकार ने अभ्यर्थियों की मांगों को स्वीकार करते हुए बृहस्पतिवार को समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा स्थगित कर दी और प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस)- प्रारंभिक परीक्षा को पुराने पैटर्न पर आयोजित करने की घोषणा की। आयोग ने आरओ और एआरओ परीक्षाओं के लिए एक समिति बनाने की भी घोषणा की। यूपीपीएससी कार्यालय के बाहर एक अधिकारी ने घोषणा की कि आयोग ने आरओ और एआरओ परीक्षा स्थगित करने और पुराने पैटर्न पर पीसीएस-प्री परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। एक पाली में परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यार्थी यूपीपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। पीसीएस-प्री परीक्षा पहले की तरह आयोजित करने की घोषणा से कुछ अभ्यर्थियों में खुशी है, वहीं आरओ-एआरओ की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी कुछ निराश नजर आए। अभ्यर्थी राहुल पांडे ने कहा कि आरओ-एआरओ परीक्षा पर वांछित फैसला होने तक छात्र आंदोलन जारी रखेंगे। पांडे ने कहा, ‘हमें इस घोषणा पर भरोसा नहीं है क्योंकि कोई आधिकारिक सूचना अपलोड नहीं की गई है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह अधिकारिक सूचना अपलोड करें।
यूपीएससी अभ्यार्थियों की मांगों को योगी सरकार ने माना
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