चंडीगढ़, 30 सितंबर 2026: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ-साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की श्री आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी की सराय में रह रही एक बहरीन की महिला के आरोपों पर लगातार चुप्पी पर सवाल उठाया। बलतेज पन्नू ने कहा कि वह इस मामले पर पहले ही करीब चार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, लेकिन सिख समुदाय के उठाए गए सवालों का अभी तक जवाब नहीं मिला है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबोधित करते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “हरसिमरत कौर बादल महिलाओं के मुद्दों पर प्रोग्राम और रैलियों में हिस्सा ले रही हैं, लेकिन एक महिला के महीनों तक एसजीपीसी की साड़ी में रहने से जुड़े आरोपों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। वह इन सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही हैं? जब एक महिला के साथ हुए बर्ताव और एसजीपीसी के रिसोर्स के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं, तो चुप्पी क्यों है?”
बलतेज पन्नू ने कहा, “बिक्रम सिंह मजीठिया भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय वीडियो जारी कर रहे हैं, जहां उन्हें पत्रकारों के सवालों का सामना करना पड़ेगा। अगर बिक्रम सिंह मजीठिया के पास जवाब हैं, तो उन्हें मीडिया के सामने आकर सवालों का जवाब देना चाहिए।”
हरजिंदर सिंह धामी पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “धामी साहब ने मीडिया का सामना करने के बजाय एक वीडियो भी जारी किया है। आज जब पटियाला में मीडिया ने उनसे सवाल पूछे तो उन्होंने फिर कहा कि वह इस मामले पर कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि वह वहां किसी और काम से आए थे। हरजिंदर सिंह धामी कब प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और इन सवालों का जवाब देंगे?”
आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “यह कोई साधारण राजनीतिक विवाद नहीं है। एक एसजीपीसी संगठन, एसजीपीसी के रिसोर्स और जिस तरह से एक महिला को महीनों तक वहां रखा गया, उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सिख समुदाय को सवाल पूछने और साफ जवाब पाने का पूरा हक है।”
बलतेज पन्नू ने एसजीपीसी द्वारा बनाई गई चार सदस्यों वाली जांच कमेटी पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैंने अपनी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी यह सवाल उठाया था कि जूनियर लोग सीनियर लोगों से कैसे पूछताछ करेंगे?”
उन्होंने कहा, “महिला ने कहा है कि उसने हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर सिंह बादल को सब कुछ बता दिया था। क्या यह कमेटी हरजिंदर सिंह धामी से पूछताछ करेगी? क्या यह सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ करेगी? क्या यह जांच करेगी कि उन्हें क्या पता था, उन्हें कब पता चला और क्या कार्रवाई की गई?”
आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “अगर एसजीपीसी सच में बिना किसी भेदभाव के जांच चाहती है, तो यह काम अनुभवी लोगों को देना चाहिए। किसी रिटायर्ड सिख जज या रिटायर्ड सीनियर पुलिस अधिकारी से जांच करने को कहा जा सकता था। ये जूनियर मेंबर न तो कानून के माहिर हैं और न ही प्रशासन के। बिना किसी स्वतंत्र और अनुभवी जांच के, सीनियर लोगों से जुड़े मामले में सही जांच कैसे हो सकती है?”
बलतेज पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी ने जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया है, लेकिन सवाल उठाया कि क्या यह कदम सिर्फ मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने कमेटी को 15 दिन का समय दिया है। क्या यह सोचा जा रहा है कि 10 या 15 दिन बाद मामला पीछे छूट जाएगा और लोग इसे भूल जाएंगे? लोग इस मुद्दे को नहीं भूलेंगे। पूरी दुनिया में सिख समुदाय इस बारे में बात कर रहा है और पंजाबी मीडिया चैनलों द्वार भी इस मुद्दे पर चर्चा की जा रही हैं।