युद्ध नशेआं विरुद्ध अभियान नशा पीड़ितों को रोज़गार के ज़रिए नया जीवन दे रहा

by Manu
युद्ध नशेआं विरुद्ध

चंडीगढ़, 22 जून 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे युद्ध नशेआं विरुद्ध (War on Drugs) अभियान को अब ड्रग्स की लत से उबरने और रोज़गार के ज़रिए नई उम्मीद पाने वाले लोगों की प्रेरणादायक कहानियों के रूप में पहचान मिल रही है। जो लोग कभी ड्रग्स की लत से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वे आज होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, डी-मार्ट (D-Mart) और ब्लिंकइट (Blinkit) जैसी जगहों पर काम कर रहे हैं या फिर अपना काम-धंधा शुरू करके अपनी ज़िंदगी को पटरी पर ला रहे हैं।

राज्य में मार्च 2025 में शुरू हुए ‘ड्रग्स के खिलाफ़ जंग’ अभियान के बाद, पंजाब के अलग-अलग नशा-मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में इलाज पूरा करने वाले कई लोगों को नौकरी मिली है। यह इस बात का सबूत है कि ड्रग्स से उबरने और नशा-मुक्त जीवन की ओर बढ़ने में रोज़गार के अवसर अहम भूमिका निभाते हैं।

इनमें से एक हैं दलजिंदर सिंह (बदला हुआ नाम), जिन्होंने फरवरी 2026 में डी-मार्ट में नौकरी शुरू की। उन्होंने नौकरी की ज़िम्मेदारियों को सकारात्मक रूप से अपनाया है और धीरे-धीरे अपनी ज़िंदगी को फिर से संवार रहे हैं। दलजिंदर कहते हैं, “नौकरी मिलने से मुझे हर सुबह उठने का एक मकसद मिला। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। अब ज़िंदगी अच्छी लगती है… यहाँ तक कि सुबह की एक कप चाय भी मेरे चेहरे पर मुस्कान ले आती है।”

किराना, फल, सब्ज़ियाँ और रोज़मर्रा की दूसरी ज़रूरी चीज़ों की डिलीवरी सर्विस से जुड़े प्रवीण ढल्ल कहते हैं, “पुनर्वास ने मुझे ज़िंदा रखा, लेकिन नौकरी ने मुझे फिर से जीना सिखाया। जब मैंने कमाना शुरू किया, तो मैं खुद को सिर्फ़ ड्रग्स छोड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्ति के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखने लगा जिस पर ज़िम्मेदारियाँ हैं और जो भविष्य के बारे में सोचता है। इस एहसास ने मुझे ड्रग्स से दूर रहने की हिम्मत दी।”

‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान सिर्फ़ पुनर्वास तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद भी लोगों की मदद करता रहता है। इसका एक उदाहरण जालंधर नशा-मुक्ति केंद्र में देखा जा सकता है, जहाँ मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नशा-पीड़ितों की नियमित निगरानी की जाती है ताकि उनकी प्रगति का पता लगाया जा सके और दोबारा नशा करने (relapse) के किसी भी संकेत को पहचाना जा सके।

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