चंडीगढ़, 26 सितंबर 2026: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल (बादल) और एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी पर श्री आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी की सराय से जुड़े विवाद और अमरजीत सिंह चावला तथा मलकीत सिंह के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को लेकर तीखा हमला बोला।
बलतेज पन्नू ने कहा कि अमरजीत सिंह चावला और मलकीत सिंह को पंथ से बाहर किए जाने के बाद भी, एसजीपीसी ने अपनी संस्थाओं और गुरुद्वारों के बाहर एक भी बोर्ड नहीं लगाया, जिसमें सिख संगत को यह जानकारी दी गई हो कि उनके साथ कोई संबंध न रखा जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि हरजिंदर सिंह धामी प्रेस कॉन्फ्रेंस से बच रहे हैं और इसकी बजाय चार सदस्यीय समिति की घोषणा करने के लिए वीडियो के माध्यम से सामने आए हैं। उन्होंने समिति को जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। 15 दिन देने का क्या मकसद है? क्या हरजिंदर सिंह धामी को उम्मीद है कि 15 दिनों बाद लोग इस मामले को भूल जाएंगे? सिख बुद्धिजीवी और विभिन्न सिख संगठन अब सवाल पूछ रहे हैं, और एसजीपीसी को उनके जवाब देने होंगे।
समिति के गठन पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने पूछा कि जूनियर सदस्य उन सीनियर नेताओं से पूछताछ कैसे कर सकते हैं, जिनके नाम इस विवाद में सामने आए हैं। “महिला ने खुद अपने वीडियो में कहा है कि वह अपनी शिकायत लेकर लोगों के पास गई थी। इस मामले में सुखबीर सिंह बादल और हरजिंदर सिंह धामी के नाम लिए गए हैं। उन्होंने पूछा क्या ये जूनियर सदस्य उनसे पूछताछ करेंगे? इन चार सदस्यों में से किसी के पास ऐसे गंभीर मामले की जांच करने के लिए आवश्यक कानूनी विशेषज्ञता है?”
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी ने कहा कि यदि एसजीपीसी सच में निष्पक्ष जांच चाहती होती, तो वह किसी सेवानिवृत्त सिख जज या किसी सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को शामिल कर सकती थी जो अमृतधारी गुरसिख हो और जांच तथा कानून का अनुभव रखता हो। बलतेज पन्नू ने पूछा “ऐसे किसी व्यक्ति को शामिल क्यों नहीं किया गया? क्या इस बात का डर था कि एक ईमानदार और स्वतंत्र जांच से सच सामने आ सकता है?”
बलतेज पन्नू ने सवाल किया कि महिला को इतने लंबे समय के लिए एसजीपीसी की सराय में रहने की इजाजत क्यों दी गई और मांग की कि वहां वास्तव में क्या हुआ था, इसका जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि सरबजीत सिंह झिंझर और विरसा सिंह वलटोहा की महिला को वहां लाने में क्या भूमिका थी और क्या समिति उनसे उन परिस्थितियों के बारे में पूछताछ करेगी जिनमें उसे सराय में लाया गया था।
बलतेज पन्नू ने कहा कि यह सारी कारवाई मामले को लटकाने और ठंडा करने के मकसद से की गई लगती है। उन्होंने कहा “उन्होंने जूनियर सदस्यों की एक समिति बनाई है और इसे 15 दिनों का समय दिया है ताकि मुद्दे को आगे टाला जा सके। लेकिन लोग अब सवाल पूछ रहे हैं, और एसजीपीसी सिर्फ एक समिति की घोषणा करके उन सवालों से भाग नहीं सकती।”