नई दिल्ली, 01 सितंबर 2026: बिहार और झारखंड के बीच 2 सालों से चला आ रहा सोन नदी विवाद आज सुलझ गया है। सोमवार को सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर दिल्ली में बिहार और झारखंड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
समझौते के तहत सोन नदी के कुल 14.25 एमएएफ पानी का राज्यों के बीच बंटवारा होगा। इसमें बिहार को 5.75 एमएएफ और झारखंड को 2 एमएएफ पानी मिलेगा। जल बंटवारे को लेकर 2025 में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सहमति बनी थी।
एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना से बिहार के कई जिलों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
परियोजना से भोजपुर बक्सर रोहतास कैमूर औरंगाबाद पटना गया और अरवल जिले के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने में बड़ी मदद मिलेगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोन नदी बंटवारे को लेकर समझौता हुआ।
समझौते का सिंचाई क्षेत्रीय विकास पर असर पड़ेगा। सोन नदी गंगा की एक प्रमुख दक्षिणी सहायक नदी है और पूर्वी भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह समझौता सोन नहर प्रणाली से जुड़ी सिंचाई योजनाओं को स्थिर आधार देगा।
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