कुछ राजनेता 54 वर्ष में खुद को युवा कहते हैं : अमित शाह
नई दिल्ली, 18 दिसंबर : गृह मंत्री अमित शाह ने सभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि भारत का संविधान किसी की नकल नहीं है। इसमें विभिन्न देशों के संविधानों की अच्छी बात लेने के साथ-साथ अपने देश की परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
संविधान को मजबूत करने के लिए देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त कराये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि ‘इंडिया’ के चश्मे देखा जाए तो भारत को कभी नहीं समझा जा सकता। उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्हें शर्म करनी चाहिए। शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, ‘अभी कुछ राजनेता आए हैं, 54 साल की आयु में अपने को युवा कहते हैं। घूमते रहते हैं और (कहते हैं कि सत्तारूढ़ दल वाले) संविधान बदल देंगे, संविधान बदल देंगे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि संविधान बदलने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 368 में ही है।’ गृह मंत्री ने कहा कि देखने वाली बात यह है कि किसने देश की भलाई के लिए संशोधन किए। इस बात को लेकर हमें चर्चा करने की आवश्यकता भी है।
कुछ राजनेता 54 वर्ष में खुद को युवा कहते हैं : अमित शाह
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