विलुप्त होती सांझी कला को मिलेगा नया जीवन, महिलाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

by Manu
सांझी कला हरियाणा

चंडीगढ़, 30 मई 2026: हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर एवं पारंपरिक लोक कला ‘सांझी’ के संरक्षण और पुनर्जीवन के उद्देश्य से कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मंडल स्तर पर तीन दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इस प्राचीन लोक कला को संरक्षित करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल तथा महानिदेशक के.एम. पांडुरंग के मार्गदर्शन में प्रदेश के विभिन्न मंडलों में सांझी 2 से 4 जून तक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यशालाओं में महिलाएं भाग लेकर सांझी कला के विभिन्न स्वरूपों को सीखेंगी तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सांझी का निर्माण करेंगी।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सांझी केवल एक कला नहीं, बल्कि हरियाणा प्रदेश की लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत अभिव्यक्ति है। इस कला के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रह सकेगी। शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के कारण युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कला से दूर होती जा रही है। जिसके कारण विभाग मंडल स्तर पर महिलाओं और युवाओं को इस कला के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित कर रहा है। इस निशुल्क कार्यशाला में सांझी सीखने की इच्छुक महिलाएं सांझी बनाने की कला के गुर सीख सकती हैं।

उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस कार्यशाला में बढ़-चढ़कर भाग लें और हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। विभाग द्वारा प्रतिभागियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे इस लोक कला को सीखकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचा सकें।

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