चंडीगढ़, 13 मई 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब राज्य मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने केंद्र की BJP सरकार की निंदा की। बता दे कि, पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य और पंजाबी को वैकल्पिक विषय बनाया है। उन्होंने इसे ‘पंजाब-विरोधी मानसिकता’ का प्रतीक बताया।
पन्नू ने कहा कि BJP लगातार पंजाब के अधिकारों और उसकी विरासत को छीनने की कोशिश कर रही है, जिसे राज्य की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
पन्नू ने कहा कि BJP के पंजाब-विरोधी फैसले हमेशा से चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। चाहे वह पंजाब के गांवों को उजाड़कर बनाए गए चंडीगढ़ पर पूरी तरह से कब्ज़ा करने की साज़िश हो, पंजाब यूनिवर्सिटी को हरियाणा के नियंत्रण में लाने की कोशिश हो, या फिर BBMB का प्रबंधन केंद्र को सौंपने का मामला हो BJP ने हर कदम पर पंजाब को कमज़ोर करने का काम किया है। अब आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा के महत्व को कम करके, केंद्र ने अपनी संकीर्ण सोच का एक और सबूत पेश किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हम किसी भी भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पंजाब की धरती पर पंजाबी भाषा को दूसरे स्थान पर धकेलना कतई स्वीकार्य नहीं है। हम ऐसे लोग हैं जो अपनी ‘मातृभाषा’ को प्राथमिकता देते हैं, और इसके सम्मान की रक्षा के लिए हम पूरी मज़बूती से खड़े होने और किसी भी हद तक लड़ने के लिए तैयार हैं। यह फैसला न केवल भाषाई भेदभाव है, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक जड़ों को काटने की एक गहरी साज़िश भी है।
पन्नू ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार को तुरंत इस जन-विरोधी और पंजाब-विरोधी फैसले को वापस लेना चाहिए। पंजाबी लोग अपनी मातृभाषा के अपमान के खिलाफ हमेशा एकजुट रहे हैं।
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