नई दिल्ली, 1 अप्रैल 2025: भारत और अमेरिका आज से देश के पूर्वी समुद्र तट पर एक खास सैन्य अभ्यास शुरू करने जा रहे हैं। यह 13 दिन तक चलने वाला त्रि-सेवा अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ’ का चौथा संस्करण है, जो खास तौर पर मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) पर फोकस करेगा। भारतीय नौसेना ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल को मजबूत करने और आपदा के वक्त तेजी से काम करने की तैयारी का हिस्सा है।
टाइगर ट्रायम्फ अभ्यास का मकसद क्या है?
‘टाइगर ट्रायम्फ’ का मुख्य उद्देश्य HADR ऑपरेशंस में दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाना है। इसके लिए एक संयुक्त समन्वय केंद्र (CCC) बनाने की मानक प्रक्रियाएं (SOPs) तैयार की जाएंगी। यह केंद्र अभ्यास के दौरान तो काम करेगा ही, साथ ही किसी संकट या आपात स्थिति में भी भारत और अमेरिका के संयुक्त कार्य बलों (JTF) को तेजी से और आसानी से एक-दूसरे के साथ जोड़ेगा। नौसेना के मुताबिक, यह कदम आपदा के वक्त राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
कौन-कौन लेगा हिस्सा?
इस बड़े अभ्यास में भारतीय नौसेना की ओर से चार जहाज- INS जलाश्व, INS घड़ियाल, INS मुंबई और INS शक्ति शामिल होंगे। इनके साथ हेलीकॉप्टर और लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान P8I भी हिस्सा लेंगे। दूसरी तरफ, अमेरिका अपनी नौसेना के जहाज USS कॉम्स्टॉक और USS राल्फ जॉनसन के साथ-साथ अमेरिकी समुद्री डिवीजन के सैनिकों को लेकर आएगा। दोनों देशों की सेनाएं मिलकर समुद्री, थल और हवाई ऑपरेशंस का अभ्यास करेंगी।
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