चंडीगढ़, 06 जनवरी 2026: पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि रिश्वत से जुड़े एक अन्य मामले में वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
सुनवाई के दौरान भुल्लर के वकील ने दलील दी कि सीबीआई निर्धारित 60 दिनों की अवधि के भीतर चालान पेश करने में विफल रही है। बचाव पक्ष का कहना था कि कानून के अनुसार तय समय सीमा पूरी होने के बावजूद आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया, इसलिए आरोपी को डिफॉल्ट बेल का लाभ दिया जाना चाहिए।
सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में चालान पेश करने के लिए 90 दिनों की वैधानिक अवधि होती है। जांच एजेंसी ने तर्क दिया कि अभी यह अवधि पूरी नहीं हुई है, इसलिए जमानत का आधार नहीं बनता।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में भुल्लर को जमानत देने के आदेश दिए। अदालत ने जमानत देते समय कुछ शर्तें भी लगाई है।
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