बलिया, 20 जुलाई,2025: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बतादें की गंगा का खतरे का निशान 57.615 मीटर है, लेकिन अब पानी 58.19 मीटर तक पहुँच चुका है, यानी खतरे के निशान को पार कर चुका है। जलभराव की स्थिती के कारण कई निचले इलाके पानी में डूबने लगे हैं और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
इन इलाकों में बाढ़ का कहर
बलिया जिले के महावीर घाट रोड स्थित निहोरा नगर और गायत्री नगर में गंगा का पानी घुस गया है। कई घरों में पानी भर गया है, जिससे लोग घर छोड़कर सड़क पर रहने को मजबूर हो गए हैं। निहोरा नगर की रहने वाली गीता ने जानकारी दी कि उनके घर में पानी भर चुका है। उसने बताया की पहले उन्होंने 2 दिन अपने परिवार के साथ सड़क किनारे गुजारे, फिर प्लास्टिक और तिरपाल लगाकर खुद अस्थाई व्यवस्था की। कुछ सामान किसी और के घर रखा है।
इसके अलावा गायत्री नगर में भी हालात बेहद खराब हैं। वहाँ प्रीति देवी ने बताया कि छोटे बच्चों को लेकर बहुत डर लगा रहता है कि कहीं पानी में फिसल ना जाएँ। उन्होंने कहा कि जब उनकी नई शादी हुई थी तब भी बाढ़ आई थी और प्रशासन से उन्हें कुछ राहत सामग्री मिली थी। लेकिन अब हालात खराब होने के बावजूद कोई अधिकारी हालचाल तक लेने नहीं आए।
लोग खुद कर रहे जुगाड़
बाढ़ से परेशान लोग लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहें हैं। लेकिन अब तक कोई राहत या सहायता नहीं पहुँची है। पीड़ितों का कहना है कि ना तो कोई अधिकारी मौके पर आया, ना ही कोई राहत शिविर या खाने-पीने का इंतजाम किया गया है। अपने डूबे हुए घरों को दूर से देखते हुए लोग बेहद भावुक नजर आए।
ठोस कार्रवाई की जरूरत
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यदि प्रशासन ने राहत कार्य शुरू नहीं किया तो हालात ज्यादा बिगड़ सकते हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, भोजन-पानी की व्यवस्था करने और मेडिकल सहायता देने की तुरंत जरूरत है।
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