चंडीगढ़, 23 सितंबर 2026: चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ हॉस्पिटैलिटी (सीसीएच), सीजीसी लांडरां ने एक रजिस्टर्ड एनजीओ, लेट्स गिव बैक के सहयोग से आयोजित प्रतिष्ठित कुलिनरी पहल ‘कहीं गुम न हो जाएं – सीजन 9’ के पंजाब एडिशन को होस्ट किया। ‘माय स्टेट इन माय प्लेट’ थीम पर आधारित इस पहल में पारंपरिक कुलिनरी ट्रेडिशंस, विलुप्त होती रेसिपीज और क्षेत्रीय व्यंजनों को एक मंच पर लाया गया, जिससे भारत की समृद्ध और विविध खान-पान की विरासत को उजागर किया गया।
ट्राइसिटी के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। जजिंग राउंड में ट्रेडिशनल रेसिपीज़ और कुलिनरी की विविध प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। प्रत्येक प्रस्तुति में प्रतिभागियों की क्षेत्रीय संस्कृति और विरासत से जुड़ाव की झलक दिखाई दी। प्रतियोगिता में मिस रितु सोनी को विजेता घोषित किया गया, जबकि मिस अनीता बालाना फर्स्ट रनर अप रहीं।
कार्यक्रम का समापन एक विशेष सम्मान समारोह के साथ हुआ, जिसमें गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में पद्मश्री शेफ डॉ. संजीव कपूर सहित कई गणमान्य हस्तियों ने शिरकत की। इस अवसर पर सीजीसी लांडरां प्रेसिडेंट राशपाल सिंह धालीवाल, श्री तरुणप्रीत सिंह सोंड, माननीय कैबिनेट मंत्री, पंजाब सरकार, जिनके पास टूरिस्ट एवं कल्चरल अफेयर्स, इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन, लेबर, हॉस्पिटैलिटी, इंडस्ट्री एंड कॉमर्स तथा रूरल डेवलपमेंट एवं पंचायत डिपार्टमेंट्स का दायित्व है, इनके साथ ही कर्नल अतुल सक्सेना, को – फाउंडर, ‘कहीं गुम न हो जाएं’, डॉ. विमल कुमार, डायरेक्टर प्रिंसिपल, सीसीएच, सीजीसी लांडरां, डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर, सीजीसी लांडरां, फॉर्मर एमएलए सरदार गुरप्रीत सिंह जीपी तथा मिस सरिता खुराना, न्यूट्रिशनिस्ट, फूड राइटर एवं कुकरी एक्सपर्ट सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को मिस रीना मुखर्जी, चीफ कोऑर्डिनेटर और स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रियंका जैन का भी सहयोग प्राप्त हुआ। इस आयोजन को पद्मश्री सम्मानित सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर, शेफ रणवीर बराड़ और शेफ विकास खन्ना के साथ-साथ प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री मिस सुचित्रा पिल्लई का भी समर्थन मिला।
इस प्रतियोगिता के जजिंग पैनल में शेफ विश्वदीप सिंह बाली, शेफ विकास चावला और डॉ. विमल कुमार, डायरेक्टर-प्रिंसिपल, एचएमसीटी शामिल रहे। सभी जजिज़ ने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर पद्मश्री शेफ डॉ. संजीव कपूर ने इस अनूठी पहल के लिए आयोजकों की सराहना की और विशेष रूप से को – फाउंडर कर्नल सक्सेना का उन्हें इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी रुचि और जुनून के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उन्हें अपने चुने हुए क्षेत्रों में नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, “लीडर बनने के लिए और एक अच्छी लीडरशिप के लिए कड़ी मेहनत आवश्यक है और मेरा विश्वास है कि आप सभी अपने चुने हुए क्षेत्रों में, चाहे वह कुलिनरी का क्षेत्र हो या जीवन का, बेहतरीन लीडर बनेंगे।“ उन्होंने प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा की जा रही कड़ी मेहनत की सराहना की और सभी को भोजन से लेकर जीवन तक हर चीज में अच्छाई देखने तथा अपने आसपास के लोगों की सराहना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनके भविष्य के प्रत्येक प्रयास में सफलता की शुभकामनाएं देते हुए अपनी बात समाप्त की।
माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सोंड ने सीजीसी लांडरां और चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ हॉस्पिटैलिटी की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से सीजीसी लांडरां के प्रेसिडेंट श्री राशपाल सिंह धालीवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्थान अपने स्टूडेंट्स को सीखने, प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस हासिल करने और इस तरह की महत्वपूर्ण पहलों का हिस्सा बनने के अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने इस अनूठी कुलिनरी पहल के आयोजन के लिए आयोजकों की भी सराहना की।
पद्मश्री शेफ डॉ. संजीव कपूर का पंजाब में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्होंने कुलिनरी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और भारत तथा विदेशों में लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. संजीव कपूर अपने उदाहरण और उपलब्धियों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को एंटरप्रेन्योर बनने और अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं, चाहे वह हॉस्पिटैलिटी का क्षेत्र हो या कोई अन्य फील्ड। उन्होंने भोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सामान्य सामग्री को भी एक्स्ट्राऑर्डिनरी डिशेज़ और कुलिनरी की उत्कृष्ट रचनाओं में बदला जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अनेक व्यंजन और पाक परंपराएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रहती हैं। उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “हम यहां थोड़े समय के लिए हैं, इसलिए आइए समाज के लिए कुछ करें। इस एक जीवन में, समय के इस छोटे से पड़ाव का सदुपयोग करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ देने, समाज और दुनिया को कुछ वापस देने तथा कुछ अनूठा और यादगार बनाने का प्रयास करें।”
‘कहीं गुम न हो जाएं – सीजन 9’ का यह संस्करण भारत के 22 से अधिक स्थानों के साथ-साथ कनाडा, न्यूजीलैंड और अमेरिका जैसे विदेशों में भी आयोजित किया जा रहा है। इस पहल की शुरुआत स्वर्गीय मिस बेबेटा सक्सेना ने वर्ष 2016 में की थी। वर्तमान में यह पहल को – फाउंडर कर्नल अतुल सक्सेना के मार्गदर्शन में निरंतर आगे बढ़ रही है। कर्नल अतुल सक्सेना ने सीसीएच, सीजीसी लांडरां और डॉ. विमल कुमार का होस्टिंग और वेन्यू पार्टनर बनने के रूप में महत्वपूर्ण योगदान देने और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
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