चंडीगढ़, 24 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के लिए किताबों के बंटवारे में एक बड़ा सुधार किया है। 2026-27 के एकेडमिक सेशन से, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से जुड़े प्राइवेट स्कूलों में पहली से बारहवीं क्लास तक पढ़ने वाले छात्रों को किताबों की सप्लाई सीधे बोर्ड ही करेगा। इस पहल से अधिकृत एजेंसियों और किताबों की दुकानों की मनमानी खत्म होगी।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस फ़ैसले से पारदर्शिता बढ़ेगी, परिवारों का खर्च कम होगा और बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी। हरजोत सिंह बैंस ने नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “स्कूल इस बात का सख्ती से ध्यान रखेंगे कि किताबों पर छपी कीमत से ज़्यादा पैसे न लिए जाएं। यह सिर्फ़ किताबें बांटने की एक सुविधा होगी, न कि पैसे कमाने का कोई ज़रिया। इससे प्राइवेट स्कूलों के 10 लाख से ज़्यादा छात्रों को फ़ायदा होगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15% की जो छूट पहले किताबों के विक्रेताओं को मिलती थी, वह अब स्कूलों के ज़रिए सीधे छात्रों को मिलेगी। उम्मीद है कि इस कदम से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और साथ ही व्यवस्था में ज़्यादा जवाबदेही भी आएगी।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि PSEB ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक खास ई-कॉमर्स पोर्टल भी बनाया है। छात्र मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए किताबों की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल क्लास और विषय के हिसाब से अपनी ज़रूरतें डिजिटल तरीके से अपलोड कर सकेंगे।
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि इस पोर्टल को एक सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है, ताकि लेन-देन आसान, पारदर्शी और असरदार हो सके। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को खास तौर पर इसलिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि ज़्यादा पैसे लेने की कोई गुंजाइश न रहे।