चंडीगढ़, 01 सितंबर 2026: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी (सीसीपी), सीजीसी लांडरां, मोहाली को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक दस वर्षों की अवधि के लिए ‘ऑटोनोमस स्टेटस’ प्रदान किया है। सीसीपी, सीजीसी लांडरां, एक एनएएसी ग्रेड ऐ मान्यता प्राप्त कॉलेज है। संस्थान ने क्यूसीआई – एनएबीईटी/ पीसीआई रैंकिंग एवं रेटिंग में भी विशिष्ट स्थान हासिल किया है, जहां इसे पंजाब के फार्मेसी कॉलेजों में प्रथम स्थान प्रदान किया गया तथा ग्रेड ऐ रेटिंग भी प्रदान की गई है।
उच्च शिक्षा में ऑटोनोमस स्टेटस, यूजीसी द्वारा कॉलेजों को प्रदान किया जाने वाला एक फंक्शनल स्टेटस है, जिसका उद्देश्य देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। यह शैक्षणिक विकास के लिए फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करता है और साथ ही अकादमिक स्टैंडर्ड्स और एक्सीलेंस में सुधार को भी सुगम बनाता है।
ऑटोनोमस संस्थान बनने से सीसीपी – सीजीसी लांडरां को करिकुलम में एडवांसमेंट का मौका मिलेगा जिस से अडिशनल कोर्सेज और सर्टिफिकेशन शुरू करके आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जो इसके ग्रेजुएट्स को लेटेस्ट इंडस्ट्री आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद करेगा। संस्थान, इंडस्ट्री को देखते हुए करिकुलम तैयार करने, इंटरडिसिप्लिनरी इलेक्टिवस और वैल्यू-एडेड सर्टिफिकेशन प्रदान करने के साथ-साथ अपनी परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली को सुव्यवस्थित करने और स्टूडेंट्स के लिए बेहतर प्लेसमेंट अवसर उपलब्ध कराने में भी सक्षम होगा।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए फैकल्टी मेंबर्स एवं स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए सीसीपी – सीजीसी लांडरां की डायरेक्टर – प्रिंसिपल डॉ. रुपिंदर सोढ़ी ने कहा, “हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि सीसीपी, सीजीसी लांडरां को यूजीसी द्वारा ऑटोनोमस स्टेटस प्रदान किया गया है। यह मान्यता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और करियर के अवसर प्रदान करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस दर्जे के साथ हम और फ्लेक्सिबिल और अपडेटेड करिकुलम तैयार कर सकेंगे, स्पेशल कोर्सेज प्रदान कर सकेंगे और रिसर्च के अधिक अवसर उपलब्ध करा सकेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हमारे स्टूडेंट्स को प्रगतिशील एवं इंडस्ट्री से जुडी शिक्षा मिले, जो उनके स्किल और रोजगार क्षमता को बढ़ाए।”
सीसीपी, सीजीसी लांडरां को प्रदान किया गया यह ऑटोनोमस स्टेटस, संस्थान द्वारा हासिल की गई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हाल ही में संस्थान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन भारतीय फार्माकोपिया आयोग के तहत एडवर्स ड्रग रिएक्शन (एडीआर) निगरानी केंद्र के रूप में अनुमोदित होने वाला पंजाब का एकमात्र निजी कॉलेज भी बना है। यूजीसी द्वारा प्रदान की गई यह मान्यता संस्थान के लिए शिक्षा, शिक्षण और शोध की गुणवत्ता को और मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए करियर के अवसरों को बढ़ाने के नए मार्ग खोलेगी।
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