पटना, 25 मई 2026: बिहार में पीएम-किसान (PM-Kisan) योजना के लाभार्थियों के लिए चलाए जा रहे ‘किसान रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) अभियान की प्रगति को लेकर आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में ‘मिशन मोड’ के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि ‘किसान रजिस्ट्री’ राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है | उन्होंने अभियान की गति को और तेज करने के लिए सभी जिलाधिकारियों (District Magistrates) को निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं:
सभी जिलाधिकारी आगामी 27 मई 2026 तक राज्य में किसान रजिस्ट्री का आंकड़ा 2 लाख से 2.5 लाख के पार पहुंचाना सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले जिलों पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जमुई, सारण और सीवान जैसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने, अभियान को गति देने और त्वरित प्रगति दिखाने का सख्त निर्देश दिया ।
एग्री स्टैक (Agri Stack) के सुचारू संचालन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर पर लंबित मामलों में त्वरित हस्तक्षेप का निर्देश दिया गया है । मुख्य सचिव ने शेष 11,400+ गांवों के ‘जियो-रेफरेंसिंग विलेज मैप्स’ (Geo-Referencing Village Maps) के कार्य और ‘रिविजनल सर्वे मैप्स’ के एपीआई एक्सेस (API Access) से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा ताकि डेटा सत्यापन का काम समय पर पूरा हो सके ।
वर्तमान में कम एनएमएस (Low NMS) के कारण लंबित पड़े कुल 7,88,116 किसान रजिस्ट्री नामांकनों (Enrolments) का जल्द से जल्द भौतिक व डिजिटल सत्यापन करने का निर्देश दिया गया ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ अविलंब मिल सके।
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