मोहाली, 13 मार्च 2026: मोहाली कोर्ट ने आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) से जुड़े दो आरोपियों सागर मसीह उर्फ राजा और आशीष उर्फ गोपी की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं। दोनों आरोपी संगठन में एक्टिव रोल निभा रहे थे। कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी बाकी है। अगर इस स्टेज पर जमानत दी गई तो ये सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इसलिए फिलहाल जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।
दोनों आरोपी गुरदासपुर जिले के कोटला और घौट के रहने वाले हैं। उन पर जुलाई 2023 में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र), 153 (दंगा भड़काना), 153A (धर्म-जाति के आधार पर वैमनस्य फैलाना), आर्म्स एक्ट की धारा 25(7) और 25 तथा यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) की धारा 17, 18 और 20 लगाई गई हैं।
गिरफ्तारी के समय दोनों के पास से हथियार और KLF से जुड़े प्रचार सामग्री बरामद हुई थी। आशीष गोपी के पास एक 32 बोर पिस्तौल और 3 जिंदा कारतूस मिले थे। सागर मसीह के पास एक 32 बोर पिस्तौल, 2 कारतूस और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के 15 प्रचार पर्चे बरामद हुए थे।
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